चोटी चुड़ैल के आगे नींबू मिर्ची भी फेल, दरवाजे पर टांगे लेकिन फिर भी कट गई चोटी
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चोटी चुड़ैल से बचने के लिए लोग अजीबो गरीब तरीके अपना रहे हैं। कई लोग बिच्छु घास, तो कई लोग कुरान तक का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं गांव में कुछ लोग इससे बचने के लिए नींबू मिर्ची का भी प्रयोग कर रहे हैं।
लेकिन चोटी काटने का सिलसिला थम नहीं रहा। शुक्रवार को धनौरी क्षेत्र के ग्राम कोटामुरादनगर और पूरणपुर में महिलाओं की चोटी कटने का मामला प्रकाश मे आया है।
बृहस्पतिवार को भी मुलदासपुर माजरा मे एक महिला और लड़की की चोटी काटी गई थी। कोटा मुरादनगर निवासी युवती हुसनजहां पुत्री जाहिर ने बताया कि बृहस्पतिवार रात दस बजे के करीब जब वह सोई हुई थी तभी अचानक किसी ने चोटी काट दी।
देखकर महिला हुई बेहोश
देखा तो वहां कोई नही था। वहीं पूरणपुर निवासी बबीता जब सुबह उठी तो उसे अपनी चोटी कटी हुई मिली। जिससे वह बेहोश हो गई। परिजनों ने चिकित्सक को बुलाकर महिला का इलाज कराया।
वह एक घंटे बाद होश मे आई। मूलदासपुर माजरा मे भी सोनिया पत्नी दीपचंद और गांव के ही राखी पुत्री ऋषिपाल की चोटी कटने का मामला भी प्रकाश मे आया था।
चोटी कटने के मामले प्रकाश मे आने पर महिलाओं ने इसका तोड़ भी निकाल लिया है। क्षेत्र के प्रत्येक घरों मे महिलाओं ने अपने घरों के दरवाजों पर नीम की टहनी और नींबू लटका दिए हैं।