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Dehradun News: ग्रामीणों ने रोका 13 करोड़ रुपये की पंपिंग योजना का निर्माण
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- सुरक्षा दीवार न लगाने पर ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
- प्राकृतिक गदेरे का रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश।
यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत बैरागढ़ गांव के समीप हेंवल नदी के तट पर पेयजल निगम कोटद्वार की ओर से बनाई जा रही करीब 13 करोड़ रुपये की पंपिंग योजना का निर्माण कार्य ग्रामीणों ने रोक दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पेयजल निगम की ओर से हेंवलनदी में जो सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है उससे बैरागढ़ गांव को खतरा है।
स्थानीय ग्रामीण अरुण जुगलान, सुभाष जुगलान, रामलाल बेलवाल, नरेंद्र प्रसाद और सुखदेव गुसाईं ने बताया कि जुलेड़ी पंपिंग योजना निर्माण कार्य शुरू होने से पहले संबंधित विभाग ने बैरागढ़ गांव की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनाने का आश्वासन दिया था। इस उलट अब विभाग केवल पंपिंग योजना को बचाने के लिए उसके आसपास सुरक्षा दीवार बना रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि जहां पर सुरक्षा दीवार बन रही है उससे प्राकृतिक गदेरे का रास्ता रुक रहा है। बरसात के दौरान यह प्राकृतिक गदेरा उफान पर आ जाता है। उस उफान में सारा पानी गांव की ओर मुड़ जाएगा। इससे गांव को खतरा है। कहा बैरागढ़ गांव अतिसंवेदनशील क्षेत्र है। विभागीय अधिकारी वर्ष 2014 और वर्ष 2022 की दैवीय आपदा से सीख नहीं ले रहे हैं। विभाग की ओर से केवल पपिंग योजना की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक गदेरे का रास्ता रोका जा रहा है। मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को 15 दिन का आश्वासन दिया, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो पाया।
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इनसेट
23 मार्च को टूटी थी पुलिया
पंपिंग तक पहुंचने के लिए 23 मार्च को निर्माणदायी संस्था ने करीब 50 मीटर की पुलिया की छत डाली थी। शाम करीब 5 बजे निर्माण कार्य पूरा हुआ। करीब चार घंटे बाद रात के नौ बजे निर्माणाधीन पुलिया की छत भरभराकर गिर गई। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए।
कोट ::::
विभागीय कर्मचारी निरीक्षण करने के लिए निर्माण स्थल पर गए हैं। टीम ने इसके लिए ग्रामीणों को 15 दिन का समय दिया है। जल्द ही इसका उचित समाधान किया जाएगा। - आशीष मिश्रा, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम कोटद्वार
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- प्राकृतिक गदेरे का रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश।
यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत बैरागढ़ गांव के समीप हेंवल नदी के तट पर पेयजल निगम कोटद्वार की ओर से बनाई जा रही करीब 13 करोड़ रुपये की पंपिंग योजना का निर्माण कार्य ग्रामीणों ने रोक दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पेयजल निगम की ओर से हेंवलनदी में जो सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है उससे बैरागढ़ गांव को खतरा है।
स्थानीय ग्रामीण अरुण जुगलान, सुभाष जुगलान, रामलाल बेलवाल, नरेंद्र प्रसाद और सुखदेव गुसाईं ने बताया कि जुलेड़ी पंपिंग योजना निर्माण कार्य शुरू होने से पहले संबंधित विभाग ने बैरागढ़ गांव की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनाने का आश्वासन दिया था। इस उलट अब विभाग केवल पंपिंग योजना को बचाने के लिए उसके आसपास सुरक्षा दीवार बना रहा है।
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ग्रामीणों ने कहा कि जहां पर सुरक्षा दीवार बन रही है उससे प्राकृतिक गदेरे का रास्ता रुक रहा है। बरसात के दौरान यह प्राकृतिक गदेरा उफान पर आ जाता है। उस उफान में सारा पानी गांव की ओर मुड़ जाएगा। इससे गांव को खतरा है। कहा बैरागढ़ गांव अतिसंवेदनशील क्षेत्र है। विभागीय अधिकारी वर्ष 2014 और वर्ष 2022 की दैवीय आपदा से सीख नहीं ले रहे हैं। विभाग की ओर से केवल पपिंग योजना की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक गदेरे का रास्ता रोका जा रहा है। मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को 15 दिन का आश्वासन दिया, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो पाया।
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23 मार्च को टूटी थी पुलिया
पंपिंग तक पहुंचने के लिए 23 मार्च को निर्माणदायी संस्था ने करीब 50 मीटर की पुलिया की छत डाली थी। शाम करीब 5 बजे निर्माण कार्य पूरा हुआ। करीब चार घंटे बाद रात के नौ बजे निर्माणाधीन पुलिया की छत भरभराकर गिर गई। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए।
कोट ::::
विभागीय कर्मचारी निरीक्षण करने के लिए निर्माण स्थल पर गए हैं। टीम ने इसके लिए ग्रामीणों को 15 दिन का समय दिया है। जल्द ही इसका उचित समाधान किया जाएगा। - आशीष मिश्रा, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम कोटद्वार