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किसान-मजदूर केंद्रित नीतियों से समृद्ध होंगे गांव: राघवन

Fri, 08 Apr 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 08 Apr 2016 11:48 PM IST
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village development by farmer and worker oriented program.
डॉ. अनिल जोशी के साथ डॉ. के विजय राघवन। - फोटो : AmarUjala

केंद्रीय जैव प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. के विजय राघवन ने कहा कि वर्तमान में भी गांवों का महत्व है और भविष्य में भी रहेगा। इसलिए ग्रामीण विकास की दिशा में काम करने से ही मुल्क की प्रगति होगी। गांवों में विज्ञान व तकनीक का प्रसार करना होगा। ऐसा कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भारी उछाल आएगा। इसलिए गरीबी निवारण व वास्तविक संपन्नता के लिए किसान-मजदूर केंद्रित नीतियां बना लागू करनी होगी।

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केंद्रीय सचिव शुक्रवार को शुक्लापुर स्थित हैस्को ग्राम पहुंचे थे। हैस्को की तरफ से दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए डा. राघवन ने कहा कि भारत दो हिस्सो में बंट चुका है। शहरी भारत सुविधा व साधन संपन्न हो रहा है। लेकिन गांवों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। गांवों से पलायन लगातार बढ़ रहा है।
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पिछले दो सौ साल में सभ्यता विनाश के कगार पर जा पहुंची है। इसलिए हमें ग्राम स्वराज पर काम करना होगा। ग्राम केंद्रित विकास पर ध्यान देने से हालात बदल जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें जैव प्रौद्योगिकी का लाभ ग्रामीण विकास के लिए करना होगा। जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से गरीबी व पिछड़ेपन पर हमला करना संभव है।
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डॉ जोशी ने गांव के हालात पर जताई चिंता
हैस्को के संस्थापक डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक असर को नियंत्रित करने के लिए किसानों व वैज्ञानिकों को मिलकर काम करना होगा। भारत का पर्यावरण लगातार खराब हो रहा है। इससे गरीबों के सामने चौतरफा संकट खड़ा हो गया है। देश के हालात बेहद खराब हो चुके हैं।

गांव देश की भूख मिटाता है, देश के लिए उत्पादन करता है। लेकिन वह खुद बहुत खराब जिंदगी जी रहा है। पिछले तीस साल में लाखों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। देश में किसान केंद्रित नीतियां नहीं बन रही हैं।


कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के कोने कोने से आए महिला व पुरुष किसानों ने अपने अनुभव व्यक्त किए। उनका कहना था कि सरकार हमारे प्रति उदासीन हैं। सरखेत, जौनसार, ताशिला, चमोली, से आए किसानों ने कहा कि किसानी व पशुपालन करना नामुमकिन सा हो गया है। पूंजी व तकनीक के अभाव में वित्तीय हालात बदतर होते जा रहे हैं। कार्यक्रम में शैलजा गुप्ता, डा. अरुण निनावे, डॉ. मोहम्मद असलम, डॉ. डीके सिंह, डॉ. अरविंद भट्ट, डॉ. किरण रावत नेगी, डॉ. राकेश कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

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