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गैंगस्टर विक्रम हत्याकांड का खुलासा: दो मददगार गिरफ्तार, झारखंड से आए शूटरों ने मारी थी गोली, कई पकड़ से बाहर

Mon, 23 Feb 2026 02:48 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 23 Feb 2026 02:48 PM IST
सार

शुरुआती जांच में विक्रम की हत्या एक गैंगवार में हुई है। अपराध की दुनिया में विक्रम की इन गैंग से कभी न कभी अदावत रही है।

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Vikram Sharma murder case STF and Doon police arrested two accused Dehradun Crime News
विक्रम शर्मा हत्याकांड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सिल्वर सिटी में गत 13 फरवरी को हुई गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्या में हत्यारों के दो मददगारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें अक्षत ठाकुर उर्फ मोहित नाम के युवक ने नोएडा में हत्यारों को पनाह दी। जबकि, दूसरे आरोपी राजकुमार ने हत्यारों को भागने के लिए वाहन उपलब्ध कराया था। वहीं, इस हत्याकांड में हाल ही में चर्चित रहे नोएडा के एक निजी विश्वविद्यालय का छात्र मोहित उर्फ अक्षत भी आरोपी है।  

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पुलिस अभी तक शूटरों और सुपारी देने वालों तक नहीं पहुंच पाई है। शुरुआती जांच में विक्रम की हत्या एक गैंगवार में हुई है। अपराध की दुनिया में विक्रम की इन गैंग से कभी न कभी अदावत रही है। हत्याकांड के इस आंशिक खुलासे के लिए एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह और देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने संयुक्त प्रेस वार्ता बुलाई थी। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में आया था कि हत्यारे जिस स्कूटर और बाइक से देहरादून आए थे वे हरिद्वार से रेंट पर ली गई थीं। इन्हीं के माध्यम से वे हरिद्वार पहुंचे और कारोबारी को वापस कर दी। जांच की गई तो पता चला कि इसका भुगतान जिस यूपीआई आईडी से किया गया वह जमशेदपुर निवासी राजकुमार के नाम पर है।
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पुलिस ने राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में बताया कि उसकी यूपीआई आईडी उसका बेटा यशराज चलाता है। पुलिस यशराज की तलाश कर रही है। राजकुमार की भूमिका सिर्फ इतनी ही नहीं है कि उसके बेटे ने उसकी यूपीआई आईडी से भुगतान किया बल्कि पता चला है कि राजकुमार रेलवे में कैटरिंग के ठेके लेता है। विक्रम शर्मा ने उससे भी रंगदारी मांगी थी। ऐसे में वह भी विक्रम से परेशान था। दूसरा आरोपी अक्षत उर्फ मोहित है। वह भी जमशेदपुर का ही रहने वाला है।


हत्यारे हरिद्वार से एसयूवी लेकर ग्रेटर नोएडा तक आए थे। इस एसयूवी के रूट के आधार पर पुलिस ग्रेटर नोएडा तक पहुंच गई। जहां से यह एसयूवी बरामद हुई वह अक्षत उर्फ मोहित का फ्लैट है। आरोपियों ने अक्षत को हत्या के बारे में जानकारी दी और उसके फ्लैट में शरण भी ली थी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से कुछ और अहम जानकारियां भी मिली हैं। अभी तक की जांच में पता चला है कि विक्रम शर्मा की कई गैंग और अन्य लोगों के साथ दुश्मनी थी। अब तक इन दो आरोपियों को मिलाकर आठ लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। छह की तलाश की जा रही है।


पुलिस की पकड़ से दूर हैं दोनों शूटर समेत छह आरोपी
विक्रम हत्याकांड के छह आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस उन तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है जिन्होंने देहरादून आकर हत्याकांड को अंजाम दिया था।

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