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उपराष्ट्रपति बोले, मां तुझे सलाम बोलने पर आपत्ति और आजादी के नाम पर अफजल गुरु की प्रशंसा क्यों?
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 06 Dec 2017 08:24 AM IST
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उपराष्ट्रपति एम, वैंकेया नायडू
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देहरादून के जौलीग्रांट के स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय में पहुंचे उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि कुछ लोगों को अपनी मां की वंदना करने, मां तुझे सलाम करने पर आपत्ति है। कुछ लोग आजादी के नाम पर अफजल गुरु की प्रशंसा कर रहे हैं।
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मंगलवार को यहां उपराष्ट्रपति जौलीग्रांट के स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के दूसरे दीक्षांत समारोह में पहुंचे। उन्होंने कहा कि धर्म निरपेक्षता हर भारतीय के डीएनए में है। हम सभी को इस परंपरा को कायम रखना होगा। देश प्रेम का जज्बा कहीं से कम नहीं होना चाहिए। अफजल गुरु की पैरोकारी करने वालों को यह समझना होगा कि वह देशद्रोही था।
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दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि हमें अपने देश, अपने प्रदेश, अपनी बोली-भाषा और अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। युवाओं से आह्वान किया कि धर्म निरपेक्षता हमारी परंपरा है, यह हर भारतीय के डीएनए में है।
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अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देशद्रोही का साथ देना इंसानियत और भारतीयताप नहीं
Vice President Venkaiah Naidu
- फोटो : amar ujala
एक विवि में अफजल गुरु को लेकर तमाम तरह की बातें हुईं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अफजल गुरु देशद्रोही था। इसलिए अभिव्यक्ति आजादी के नाम पर देशद्रोही का साथ देना कहां की इंसानियत और भारतीयता है।
हमारी बोली-भाषा अलग हो सकती है, लेकिन ‘विविधता में एकता, भारत की विशेषता’ हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी मातृ भाषा है। यह हमारी आंखों की तरह है। अंग्रेजी आंखों पर लगने वाले चश्मे की तरह है।
पहले आंखें ठीक करो, तब चश्मे की बात करो। दीक्षांत समारोह के दौरान 802 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने छह छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।
हमारी बोली-भाषा अलग हो सकती है, लेकिन ‘विविधता में एकता, भारत की विशेषता’ हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी मातृ भाषा है। यह हमारी आंखों की तरह है। अंग्रेजी आंखों पर लगने वाले चश्मे की तरह है।
पहले आंखें ठीक करो, तब चश्मे की बात करो। दीक्षांत समारोह के दौरान 802 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने छह छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।