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पढ़िए, किस तरह यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे वाहन स्वामी

Thu, 25 May 2017 01:33 PM IST
नवीन नौटियाल / अमर उजाला, ऋषिकेश
नवीन नौटियाल / अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Thu, 25 May 2017 01:33 PM IST
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vehicle owner brings char dham passenger in danger
चारधाम यात्रा - फोटो : AmarUjala

सुरक्षित चारधाम यात्रा के नियम कायदे के दावे संभागीय परिवहन विभाग की फाइलों के लिए हैं। धरातल पर इन नियमों का न तो कहीं कोई पालन दिख रहा और न ही इसके प्रति महकमा गंभीर है। नतीजतन ट्रैवेल एजेंट व वाहन स्वामी मनमानी कर रहे हैं। परिवहन विभाग की अनदेखी से रबड़ चढ़े टायर वाली खटारा और बिना फर्स्ट एड बॉक्स सुविधा वाली बसों से यात्री ढोए जा रहे हैं।

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चारधाम यात्रा में सरकार-प्रशासन और संभागीय परिवहन विभाग तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। महकमे की अनदेखी के कारण निजी ट्रांसपोर्ट कंपनियां नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं। मंगलवार को बीटीसी परिसर से चारधाम की यात्रा पर निकली पांच ऐसी बसें मिलीं। जिनके टायरों में रबड़ चढ़ी थी।
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इनमें से एक बस के पिछले दोनों टायरों की रबड़ पूरी तरह से घिस चुकी है और तीन बसों के टायरों से कई नट-वोल्ट गायब थे। एक वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स के नाम पर महज एक दर्द निवारक दवा व एंटीसेप्टिक जैल रखा था। वहीं, इस दौरान कई चालक-परिचालक बिना ड्रेस कोर्ड, जूतों के ही यात्रियों को लेकर रवाना हुए।

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यात्री बोले, किससे करें शिकायत

vehicle owner brings char dham passenger in danger
char dham yatra

चारधाम यात्रा पर निकले राजस्थान के एक 115 सदस्यीय तीर्थयात्रियों के जत्थे के सदस्य मुकेश शर्मा ने बताया कि यात्रा के लिए वाहन न मिलने के कारण उन्हें चार दिन से बस अड्डे में ही रहने को मजबूर होना पड़ा। बामुश्किल मंगलवार को बस मिल पाई है। ऐसे में यहां शिकायत किससे करें, कोई अधिकारी भी नहीं है।
      
यह हैं नियम, जिनकी हो रही अनदेखी     
- गाड़ी पर रिफ्लेक्टर होना अनिवार्य     
- चालक-परिचालक की ड्रेस आवश्यक     
- वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स होना जरूरी     
- वाहन में नये टायर होने अनिवार्य     
- ओवरलोडिंग नहीं होनी चाहिए     
- यात्रियों से निर्धारित किराया लिया जाना     
- वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग वर्जित     
- वाहन में म्यूजिक सिस्टम और धूम्रपान पर प्रतिबंध

वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करते वक्त बारीकी से जांच पड़ताल की जाती है। यदि वाहन स्वामी ग्रीनकार्ड मिलने के बाद वाहनों से नए टायर हटा देते हैं, तो ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में ग्रीनकार्ड जारी होने के बाद भी चारधाम यात्रा वाहनों की चेकिंग पोस्ट पर टायर, ड्रेस कोर्ड और अन्य जरूरी चीजों की सघन पड़ताल की जाएगी। यदि कोई वाहन नियम विरुद्ध संचालित होता पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।     
- अरविंद कुमार यादव, संभागीय निरीक्षक ऋषिकेश     

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