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मई से उत्तराखंड में होगा वाहनों का ई-चालान
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 20 Apr 2017 09:53 AM IST
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- फोटो : demo pic
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मई महीने से प्रदेश में वाहनों की ई-चालान की व्यवस्था लागू होगी। परिवहन विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। एनआईसी द्वारा ई-चालान का सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
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इसका फायदा यह होगा कि विभाग के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। साथ ही चालान काटते ही संबंधित वाहन से संबंधी पूरी जानकारी विभाग के सेंट्रल सर्वर में चली जाएगी। विभाग के अधिकारियों को यह पता चल जाएगा कि वाहन का कब-कब और कहां चालान कटा है और उसने चालान जमा कराया है या नहीं।
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प्रदेश में वाहनों का ई-चालान करने की योजना पर पिछले कई महीने से अमल चल रहा है। इसके बाद विभाग ने फैसला लिया है मई महीने से प्रदेश के सभी जनपदों में आरटीओ और एआरटीओ वाहनों का ई-चालान काटेंगे। इसके लिए अधिकारियों को मोबाइल फोन और प्रिंटर उपलब्ध कराया जाएगा।
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मौके पर जालान का प्रिंट निकालकर चालक को दे दिया जाएगा। मौके पर ही जुर्माना अदा करने की भी व्यवस्था होगी। जुर्माना अदा करने की रसीद भी तत्काल चालक को दे दी जाएगी। वाहन चालकों को इसका फायदा यह होगा कि उनको जुर्माना भरने और वाहन रिलीज कराने के लिए परिवहन विभाग के कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सचिव परिवहन सीएस नपलच्याल ने बताया कि प्रदेश में अगले माह से वाहनों के ई-चालान की व्यवस्था लागू हो जाएगी।
व्यावसायिक कैटेगरी ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन बंद
वाहनों का बीएस-4 मानक लागू होने के बाद परिवहन विभाग ने ट्रैक्टर का व्यावसायिक कैटेगरी में रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया है। विभाग ने केंद्र सरकार से इस संबंध में दिशा निर्देश देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एक अप्रैल से देशभर में बीएस-3 वाहनों के बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
ट्रैक्टर, कंबाइन, हारवेस्टर और जेसीबी के मामले में इसलिए छूट दी गई है कि इनका कृषि कार्य में इस्तेमाल होता है। कंपनियां अभी बीएस मानक के मुताबिक ट्रैक्टर और जेसीबी नहीं बना रही हैं। लिहाजा बीएस-3 मानक के ट्रैक्टर की बिक्री हो रही है। ट्रैक्टर और जेसीबी का व्यावसायिक इस्तेमाल भी किया जाता है। परिवहन विभाग ने व्यावसायिक कैटेगरी में ट्रैक्टर और जेसीबी का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया है।