फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Vandana Katariya created history Became first female player to play the 300th international hockey match

Uttarakhand: वंदना कटारिया ने फिर रचा इतिहास, 300 वां अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी

Sat, 04 Nov 2023 08:03 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 04 Nov 2023 08:03 PM IST
सार

रांची के गोमके जसपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में चल रहे महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में उसने 300 वां अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलकर उत्तराखंड की बेटी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना ने प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। वंदना ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष किया है।

विज्ञापन
Vandana Katariya created history Became first female player to play the 300th international hockey match
वंदना कटारिया। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तराखंड की बेटी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया ने एक बार फिर इतिहास रचा है। ओलंपिक खेलों में हैट्रिक बनाने वाली पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना अब 300 वां अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई है। उसका बड़ा भाई पकंज बताता है कि कभी एक जोड़ी जूतों के लिए संघर्ष करने वाली उसकी छोटी बहन ने कड़ी मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया है।

विज्ञापन

वंदना मूल रूप से उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की निवासी है। रांची के गोमके जसपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में चल रहे महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में उसने 300 वां अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। वंदना के बड़े भाई पंकज के मुताबिक इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उसने काफी संघर्ष किया।

विज्ञापन


कभी परिवार की यह स्थिति थी कि एक हॉकी स्टिक और अच्छे जूते पाना भी बड़ा सपना था। पंकज ने बताया कि वह खुद हॉकी और अन्य खेल खेलते थे, तब वंदना 12 साल की थी, उसे और उसकी दूसरी बहन रीना दोनों को विभिन्न खेलों में प्रतिभाग का शौक था, लेकिन खेलने के लिए दोनों बहनों के पास जूते नहीं थे। जबकि

विज्ञापन
विज्ञापन

पिता ने दिया खेल मैदान में डटे रहने का हौसला
रोशनाबाद स्टेडियम में बिना जूतों के प्रवेश नहीं करने दिया जाता था। यही वजह थी कि दोनों बहनें स्कूल से जल्दी आकर बारी-बारी से उसके जूते पहनकर स्टेडियम में खेलने के लिए चले जाया करती थी। उनके पिता नाहर सिंह ने भी उन्हें खेल मैदान में डटे रहने का हौसला दिया।

हॉकी में कड़ी मेहनत के बूते विश्व में कमाया नाम

हॉकी में अपनी कड़ी मेहनत व संघर्ष के बूते विश्व में नाम कमाने वाली वंदना कटारिया को 2022 में पद्यश्री पुरस्कार मिला। वह 2017 में महिला एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य रही।

ये भी पढ़ें...Bageshwar Dham: देहरादून में सजा धीरेंद्र शास्त्री का दरबार, बस कुछ ही देर में खत्म होगा श्रद्धालुओं का इंतजार

पिता का सपना पूरा कर रही बेटी

देहरादून। वंदना कटारिया की मां सौरण देवी बताती हैं कि उनकी बेटी हॉकी में नाम रोशन कर रही हैं। इससे परिवार के सभी लोग खुश हैं। उसके पिता ने उसके लिए जो सपना देखा था उसे वह पूरा करने में लगी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed