ईयर बैक को लेकर उबल रहा छात्रों का गुस्सा

अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 26 Nov 2013 02:11 PM IST
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उत्तराखंड तकनीकी विवि के ईयर बैक के नए नियम के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया।
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इससे पहले इस नए नियम से गुस्साए छात्रों ने सोमवार को भी विवि परिसर में न केवल गमले तोड़ दिए बल्कि खिड़की व दरवाजे भी तोड़ने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बेकाबू भीड़ को लाठियों से खदेड़ते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया।
नियम बदलने से साफ इंकार
उधर, विवि ने नियम बदलने से साफ इंकार कर दिया है। पहले भी छात्र इस नियम के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। सोमवार को एक बार फिर करीब 170 छात्र विवि पहुंचे। छात्रों ने पहले प्रदर्शन किया और बाद में महिला पॉलिटेक्निक में रखे गमले तोड़ दिए।

उग्र छात्र खिड़की और दरवाजे तोड़ने आगे बढ़े तो मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले। पुलिस ने छात्रों को लाठियां फटकारते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया। छात्रों की मांग पर विवि ने साफ कर दिया है कि नियम में परिवर्तन संभव नहीं है। हंगामा करने वालों में दून के विभिन्न कालेजों के छात्र शामिल रहे।

एसएसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार
यूटीयू में इन दिनों परीक्षा से संबंधित कार्य चल रहे हैं। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए विवि प्रशासन ने एसएसपी केवल खुराना से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

उपकुलसचिव डॉ. आशीष उनियाल ने बताया कि एसएसपी को पत्र भेजकर विवि परिसर में अस्थाई पुलिस चौकी बनाने की मांग की गई है।

पहले यह था नियम
यूटीयू में पहले ईयर बैक और बैक परीक्षाएं कराई जाती थी। पूर्व कुलपति प्रो. डीएस चौहान अपने विशेषाधिकार से छात्रों को यह मौका देते थे। इसके तहत दस विषयों में फेल छात्र को भी अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया जाता था।

नतीजा यह हुआ कि जब इंजीनियरिंग के छात्रों ने कोर्स पूरा किया तो उनकी 25 विषयों में बैक थी। कालेज ने फेल होने पर बाहर का रास्ता दिखा दिया।

इनमें से करीब 20 छात्र ऐसे हैं जो निर्धारित अवधि तक इंजीनियरिंग के सभी विषय पास नहीं कर पाए। इस वजह से वह ‘तकनीकी शिक्षा के लिए अयोग्य’ की श्रेणी में आ गए हैं। इन छात्रों की प्रार्थना को विवि ने मर्सी अपील के तौर पर राज्यपाल को भेजा है। यहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही इनका भविष्य तय हो सकेगा।

अब यह है नियम
विवि ने हाल ही में नियम जारी किया है कि यदि कोई छात्र चार वर्षों के आठ सेमेस्टर में चार विषयों और दो प्रैक्टिकल में अनुत्तीर्ण होता है, तो उसे आगामी सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा लेकिन जो इससे ऊपर एक भी विषय में फेल होता है तो उसे ईयर बैक का सामना करना पड़ेगा।

ऐसे 400 से ज्यादा छात्र हैं जो कि इस नियम के दायरे में आ गए हैं। साथ ही विवि ने यह भी साफ कर दिया है कि अब किसी भी प्रकार की बैक परीक्षा आयोजित नहीं कराई जाएगी।
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