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मुआवजे के लिए मरो को फिर मारा
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 01 Nov 2013 07:49 PM IST
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आपदा के बाद मुआवजा लेने के लिए जमकर फर्जीवाड़ा हुआ है। कुछ लोगों ने भगवान को प्यारे हो चुके अपनों को दोबारा मार दिया तो कुछ ने जिंदा परिजनों को ही स्वर्गवासी बता दिया। पुलिस की जांच में इस तरह के खुलासे हो रहे हैं।
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आपदा के दौरान विभिन्न थानों में छह हजार से ज्यादा लोगों के लापता होने के मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें काफी मामले फर्जी निकले। जांच के बाद लापता लोगों की संख्या चार हजार रह गई है। इनमें कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनमें एक ही व्यक्ति की गुमशुदगी अलग-अलग थानों में दर्ज कराई गई थी।
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केस वन
श्रीरामतालुक, अहमदनगर, महाराष्ट्र निवासी राजजादव ने अपने नाना विश्वनाथ गायकवाड़ और नानी कुसुम अग्रवाल के केदारनाथ में आई आपदा में मरने की रिपोर्ट उखीमठ (रुद्रप्रयाग) थाने में दर्ज कराई।
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लेकिन जांच में पता चला कि विश्वनाथ दस साल पहले ही मर चुके थे। 70 साल की कुसुम गायकवाड़ जिंदा हैं। पुलिस ने राजजादव के विरुद्ध फर्जी सूचना देने का मुकदमा दर्ज किया है।
केस टू
आगरा के एक युवक ने अपने परिवार के लोगों के आपदा में गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के लिए आगरा पहुंची तो फर्जीवाड़ा सामने आया।
जिन लोगों को लापता बताया जा रहा है वे घरबार छोड़कर संन्यासी बन चुके हैं। इसी तरह हरिद्वार के एक व्यक्ति ने परिवार के सदस्यों के आपदा में लापता होने की सूचना दी। पुलिस की जांच में फर्जीवाड़े सामने आ गया।