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उत्तराखंड में मनरेगा का हिट शो, कई राज्यों को पीछे छोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 10 Feb 2016 02:15 PM IST
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में उत्तराखंड ने कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड ने न सिर्फ योजना के तहत मुहैया कराए गए बजट का शत-प्रतिशत उपयोग किया वरन रोजगार दिवस सृजित करने में भी बढ़त बनाई है।
ग्राम्य विकास विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से कुल 480 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 31 दिसंबर तक 464 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी समय है। ऐसे में अब राज्य सरकार ने केंद्र से सौ करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट की मांग की है।
मांगा अतिरिक्त बजट
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार के मुताबिक मनरेगा योजना में राज्य की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में अच्छी है। योजना के तहत बजट की कमी न हो इसके लिए केंद्र से सौ करोड़ अतिरिक्त बजट की मांग की गई है।
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आंकड़ों के लिहाज से देखें तो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय छोटे राज्य में प्रतिदिन एक लाख मानव दिवस का सृजन किया जा रहा है जो अन्य राज्यों की तुलना में अच्छा है।
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ग्राम्य विकास विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से कुल 480 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 31 दिसंबर तक 464 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी समय है। ऐसे में अब राज्य सरकार ने केंद्र से सौ करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट की मांग की है।
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मांगा अतिरिक्त बजट
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार के मुताबिक मनरेगा योजना में राज्य की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में अच्छी है। योजना के तहत बजट की कमी न हो इसके लिए केंद्र से सौ करोड़ अतिरिक्त बजट की मांग की गई है।
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आंकड़ों के लिहाज से देखें तो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय छोटे राज्य में प्रतिदिन एक लाख मानव दिवस का सृजन किया जा रहा है जो अन्य राज्यों की तुलना में अच्छा है।