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Uttarkashi Tunnel Rescue: रोबोटिक्स सिस्टम से पता चलेगी श्रमिकों की मनोस्थिति, लखनऊ से पहुंचे वैज्ञानिक

Mon, 27 Nov 2023 07:49 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा(उत्तरकाशी)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा(उत्तरकाशी) Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 27 Nov 2023 07:49 PM IST
सार

वैज्ञानिक मिलिंद राज ने बताया कि वह राहत एवं बचाव कार्य में लगे कर्नल दीपक पाटिल के बुलाने पर यहां मदद के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू रोबोटिक्स सिस्टम बहुत ही पॉवरफुल है। जो खासतौर पर सिलक्यारा सुरंग हादसे में काफी मददगार हो सकता है।

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Uttarkashi Tunnel Rescue Robotics system will reveal mental condition of trapped Workers
उत्तरकाशी सुरंग में में बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों की मानसिक स्थिति जानने के लिए रेस्क्यू रोबोटिक्स सिस्टम की मदद ली जाएगी। सोमवार को लखनऊ से रेस्क्यू रोबोटिक्स वैज्ञानिक मिलिंद राज सिलक्यारा पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से 24 घंटे सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों की मानसिक स्थिति पर नजर रखी सकेगी।

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रेस्क्यू रोबोटिक्स वैज्ञानिक मिलिंद राज ने बताया कि वह राहत एवं बचाव कार्य में लगे कर्नल दीपक पाटिल के बुलाने पर यहां मदद के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू रोबोटिक्स सिस्टम बहुत ही पॉवरफुल है। जो खासतौर पर सिलक्यारा सुरंग हादसे में काफी मददगार हो सकता है। यह उन जगहों पर हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस दे सकता है, जहां मुश्किल से नेटवर्क पहुंचता है।
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41 जिंदगियां बचाने की जद्दोजहद: अब सुरंग में मोर्चे पर उतरेगी रैट माइनर्स, जानें क्यों खास है यह टीम

यह सिस्टम सुरंग के अंदर फंसे सभी 41 श्रमिकों की सेहत पर लाइफलाइन पाइप के जरिए नजर रखेगा। यदि श्रमिकों की सेहत में गिरावट आती है या वह असामान्य व्यवहार करते हैं यह सिस्टम इसकी भी जानकारी देगा। यह विडियो, ऑडियो एनालिसिस के साथ सपोर्ट सिस्टम के द्वारा मदद करेगा।

वायर और वायरलेस दोनों सिस्टम

उन्होंने बताया कि इस रोबोट में वायर और वायरलेस दोनों सिस्टम है। वायर में दिक्कत हुई तो वायरलेस सिस्टम काम करेगा। इस सिस्टम की मदद से हानिकारक गैसों जैसे मीथेन व कार्बन डाई ऑक्साइड का भी पता लगाया जा सकेगा। मिलिंद राज के मुताबिक सेंसर युक्त डिवाइस को लाइफलाइन पाइप से अंदर भेजा जाएगा।

जबकि एक सिस्टम बाहर रहेगा। उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 में लखनऊ में अलाया अपार्टमेंट गिरने पर भी उन्होंने रेस्क्यू रोबोटिक्स से मदद की थी। वहां फंसे 14 लोगों को सकुशल बाहर निकालने में इस सिस्टम से काफी मदद मिली थी।

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