Mosque Dispute: रैली को हल्के में लेना पड़ा भारी, उग्र हुए प्रदर्शनकारी, लाठीचार्ज के बाद पहुंचे अधिकारी
जिला मुख्यालय में मस्जिद को लेकर जनाक्रोश रैली पहले से तय थी। भीड़ के उग्र होने की भी आशंका जताई जा रही थी। बृहस्पतिवार को रैली में शामिल लोगों को एक जगह करीब ढाई घंटे तक रोकने से भीड़ उग्र होती चली गई।
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शहर में मस्जिद के खिलाफ एक समुदाय के धार्मिक संगठन की जनाक्रोश रैली को हल्के में लेना प्रशासन के लिए भारी पड़ा। यहां लाठीचार्ज शुरू होने के बाद डीएम और एसपी पहुंचे। जबकि प्रदर्शनकारी डीएम और एसपी से मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि यदि उन्हें आगे नहीं जाने दिया जा रहा है तो डीएम और एसपी आएं, उनसे बात करेंगे। इसके बावजूद अधिकारी नहीं पहुंचे।
जिला मुख्यालय में मस्जिद को लेकर जनाक्रोश रैली पहले से तय थी। भीड़ के उग्र होने की भी आशंका जताई जा रही थी। बृहस्पतिवार को रैली में शामिल लोगों को एक जगह करीब ढाई घंटे तक रोकने से भीड़ उग्र होती चली गई।
जबकि इससे पूर्व तक प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के आगे ही ओम नम: शिवाय का जाप कर धरना दे रहे थे। उन्होंने पुलिस व जिला प्रशासन से उन्हें शांतिपूर्वक कंडार देवता मंदिर मार्ग से जाने देने का अनुरोध किया। लेकिन प्रशासन ने यह कहकर उनकी बात को मानने से इंकार कर दिया कि रैली के अनुमति पत्र पर पहले से रूट तय है। आगे निषेधाज्ञा लागू होने की भी बात कही गई।
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इस दौरान करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शनकारी प्रशासन के उच्चाधिकारियों से निर्णय लेकर उन्हें जाने देने का अनुरोध करते रहे। उन्होंने मौके पर डीएम और एसपी को भी बुलाने का अनुरोध किया, लेकिन दोनों ही अधिकारी लाठीचार्ज के बाद मौके पर पहुंचे। इसे लेकर लोगों ने भी सवाल खड़े किए कि उक्त अधिकारी पहले मौके पर पहुंच कर उग्र भीड़ को समझाते तो बात को बिगड़ने से रोका जा सकता था।
हमारी प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे दर्शनलाल भारती सहित अन्य से लगातार वार्ता हो रही थी। उन्हें एक घंटे का समय दिया गया था। यहां परीक्षा भी थी, उनसे प्रदर्शन समाप्त कर रामलीला मैदान में जाने को कहा गया था, जहां वह चाहते तो उनसे वार्ता की जाती। इस संबंध में डिटेल में प्रेसनोट जारी किया गया है।
-डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट, डीएम उत्तरकाशी।
वह लोग डीएम साहब के लिए कह रहे थे, एसपी का तो नाम नहीं था। वह पत्थरबाजी करने लगे, जिससे लाठीचार्ज हुआ। हम तो निकल ही गए थे, रास्ते में थे।
-अमित श्रीवास्तव, एसपी उत्तरकाशी।
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