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पूरी हुई डॉक्टरों की मुराद, मिला डीएसीपी का लाभ
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 14 Jul 2016 09:40 PM IST
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सरकार ने प्रदेश के डॉक्टरों को डायरेक्ट एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) का लाभ दे दिया है। एक जनवरी 2015 से पहले नियुक्ति पाने वाले सभी डॉक्टरों को इसका लाभ मिलेगा। पीएमएचएस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गोस्वामी व महासचिव डॉ. नरेश नपलच्याल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी का आभार जताया है।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएचएस) की लंबे समय से चली आ रही डीएसीपी की मांग सरकार ने बृहस्पतिवार को पूरी कर दी। सरकार ने देर शाम इसका शासनादेश जारी कर दिया। एक जनवरी 2015 के बाद नियुक्ति पाने वाले चिकित्सकों को सरकार पहले से डीएसीपी का लाभ दे रही है। जबकि उससे पहले से सेवा दे रहे डॉक्टर इसके दायरे से बाहर थे।
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लंबे समय से कर रहे थे आंदोलन
इसको लेकर पीएमएचएस पिछले लंबे समय से आंदोलन की राह पर था। बीती चार जून को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में डीएसीपी को मंजूरी मिली लेकिन उसका शासनादेश नहीं हुआ। इसको लेकर प्रदेशभर के चिकित्सक बीती सोमवार से रोजाना दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे थे।
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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने बताया कि चार, आठ, 13 व 20 वर्ष की सेवा में समयबद्ध पदोन्नति का लाभ दिया जाएगा। चार वर्ष की पदोन्नति में दो वर्ष, आठ वर्ष की पदोन्नति में पांच वर्ष, 13 वर्ष की पदोन्नति में सात वर्ष और 20 वर्ष की पदोन्नति में नौ साल की सेवा दुर्गम में होनी अनिवार्य है।