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टीवी की दुनिया में अपने टैलेंट से छाए उत्तराखंड के लाल
ब्यूरो / अमर उजाला, चंपावत-हल्द्वानी
Updated Tue, 16 Jun 2015 03:15 PM IST
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उत्तराखंड के प्रसिद्ध कुमाऊंनी लोकगायक सुरेश राजन के पुत्र पवनदीप राजन ने एक बार फिर गायकी में जलवा बिखेरा है।
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एक निजी टीवी चैनल के प्रतिभा खोज कार्यक्रम वॉइस ऑफ इंडिया के पहले चरण के ब्लाइंड राउंड में उन्होंने सभी को सूफियाना सुरों में बांध लिया। रविवार की रात प्रसारित हुए इस राउंड में पवनदीप ने चारों जजों मीका, शान, सुनिधि चौहान, हिमेश रेशमिया का दिल जीत लिया। दूसरे राउंड के लिए पवनदीप गायक शान की टीम में शामिल हुए हैं।
वह वॉयस ऑफ इंडिया के लिए देशभर से चुने गए 20 प्रतिभाशाली युवा गायकों में शामिल हैं। इससे पूर्व पवन ईटीवी के फोक शो झूमिगो के 2010 के पहले सत्र के विजेता रह चुके हैं। उन्होंने 2011 में दूसरे सत्र में इस शो की एंकरिंग भी की है। 2012 में सीरी फोर्ट आडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सुर तरंग कार्यक्रम में भी पवनदीप पहला स्थान प्राप्त कर चुके हैं।
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रॉक बैंड के अलावा पार्श्वगायन से भी जुड़े
पवनदीप राजन वर्तमान में चंडीगढ़ के रॉक बैंड समूह से जुडे़ हैं। वह कुमाऊंनी, गढ़वाली, पंजाबी फीचर फिल्मों, एलबम आदि में भी पार्श्वगायन कर रहे हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही अपने सहयोगियों को देते हैं। उनका कहना है कि कड़ी मेहनत, संगीत साधना के बाद वह इस मुकाम तक पहुंच सके हैं।
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नामचीन हस्तियों के साथ कर चुके हैं काम
पवनदीप राजन फिल्म निर्माता निर्देशक प्रहलाद निहलानी, गायिका अनुराधा पौडवाल, गायक सोनू निगम, अदनान सामी समेत फिल्म अभिनेता गोविंदा, बॉबी देओल सहित कई नामचीन हस्तियों के साथ काम कर चुके हैं।
कुमाऊं की आवाज और थिरकते कदम
कुमाऊं के सपूतों ने गीत-संगीत की दुनिया में भी अपना जलवा बिखेरा है। प्रसिद्ध कुमाऊंनी लोकगायक सुरेश राजन के पुत्र पवनदीप राजन ने जहां वॉइस ऑफ इंडिया के पहले चरण के ब्लाइंड राउंड में सभी को सूफियाना सुरों में बांध कुमाऊं की आवाज को बुलंदी दी है वहीं, मुक्तेश्वर के अभिजीत के थिरकते कदमों ने डीआईडी के टॉप-40 में जगह बना ली है।
डीआईडी के टॉप-40 में पहुंचे मुक्तेश्वर के अभिजीत
‘डांस मेरी जिंदगी है। अक्सर सोचा करता था कि डांस में करियर कैसे बनाऊं, लेकिन फिर डांस इंडिया डांस (डीआईडी) से राघव जुयाल (कॉकरोच) को बुलंदियां छूते देखा और राघव ही आज मेरी प्रेरणा हैं।’ डीआईडी में टॉप-40 में जगह बना चुके अभिजीत पीटर कहते हैं कि राघव से मैं मिला तो नहीं, लेकिन सच कहूं तो मेरे ख्वाबों को पंख राघव ने ही दिए। 27 जून को अभिजीत की परफार्मेंस ऑन एयर होगी।
अमर उजाला से मुलाकात में अभिजीत ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय मुक्तेश्वर से हाईस्कूल किया। इसके बाद अपने डांस के सपने को पूरा करने के लिए हल्द्वानी आ गया। यहां गुरु तेग बहादुर स्कूल से इंटर किया। ‘हां’ कभी मेहनत से जी नहीं चुराया’, यह कहते हुए अभिजीत की आंखों में एक अलग ही चमक दिखी। अभिजीत कहते हैं कि अपने सपने को पंख देने के लिए घंटों मेहनत करता था।
मम्मी कांता पीटर और भाई एनांश पीटर ने हमेशा मेरा सपोर्ट किया, हालांकि पापा हरीश पीटर नहीं चाहते थे कि मैं डांस में करियर बनाऊं। लेकिन मैं उनसे छिप-छिपकर शो किया करता था। हंसते और बालों में हाथ फेरते हुए कहते हैं कि अब पापा की भी ‘हां’ है। अभिजीत ने बताया कि उन्होंने पिछले साल भी डीआईडी का ऑडिशन दिया था, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पर मेहनत नहीं छोड़ी। इसी का नतीजा रहा कि इस बार दिल्ली में हुए ऑडिशन में कामयाबी मिली और मुंबई में हुए फाइनल ऑडिशन में मुझे ‘तकदीर की टोपी’। अभिजीत बताते हैं कि राघव ने स्लो मोशन डांस से लोगों को अपना मुरीद बनाया है और मैं ‘पॉपिंग’ से लोगों के दिलों में जगह बनाना चाहता हूं। पॉपिंग हिपहॉप का एक एलीमेंट हैं। इसमें बॉडी की सभी मसल्स का प्रयोग किया जाता है।
अभिजीत कहते हैं कि स्पंक डांस एकेडमी (हल्द्वानी) ने मुझे आगे बढ़ने में काफी सहयोग दिया है। एकेडमी के डायरेक्टर कार्तिक रावत, साहिल बिष्ट, मुकेश कुमार और वासु भारती ने हर कदम पर सपोर्ट किया है। अब तो बस यही चाहता हूं कि राघव की तरह मैं भी लोगों के दिलों में अपने लिए जगह बना सकूं। वैसे दुआएं अमर उजाला परिवार की भी चाहिए...।