उत्तराखंड महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष ममता रानी को पद से हटाया, पीछे है ये वजह
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निकाय चुनाव में पार्टी के पार्षद प्रत्याशी का समर्थन करने के बजाय निर्दलीय का प्रचार प्रसार करने के आरोप में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य ने प्रदेश उपाध्यक्ष ममता रानी को पद से हटा दिया है। सरिता आर्य ने ममता को पार्टी से निष्कासित करने की सिफारिश प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह से की है।
ममता रानी वर्ष 2013 में निकाय चुनाव में कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी थीं लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस निकाय चुनाव में भी ममता ने मेयर का टिकट मांगा था लेकिन हाईकमान ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
इससे वह नाराज हो गईं थीं। हालांकि बाद उन्हें मना लिया गया था। वार्ड नंबर आठ से कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशी रहे रामप्रसाद ने आला नेताओं से शिकायत की थी कि ममता ने उनका प्रचार करने के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी का प्रचार-प्रसार किया था। उन्होंने ममता की फोटो लगी उक्त प्रत्याशी के पोस्टर, बैनर और पर्चे भी पार्टी हाईकमान को सौंपे थे। इधर, महानगर अध्यक्ष ने ममता पर हुई कार्रवाई से अनभिज्ञता जताई है।
पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी का समर्थन करने के आरोप में ममता रानी को प्रदेश उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। पार्टी से निष्कासित करने का अधिकार चूंकि प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को है, लिहाजा ममता के निष्कासन की संस्तुति प्रदेश अध्यक्ष से की गई है।
-सरिता आर्य, प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस
इस संबंध में न तो मुझे महिला कांग्रेस अध्यक्ष और ना ही प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की ओर से कोई सूचना दी गई है। निकाय चुनाव में किसी के प्रचार होर्डिंग में मेरी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। सिर्फ होर्डिंग पर मेरी तस्वीर लगे होने से पार्टी विरोधी का आरोप लगाकर निष्कासित करना उचित नहीं है।
- ममता रानी