Uttarakhand WildFire: चार दिन बाद बुझ पाई पोखरी के जंगल की आग, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा किया दर्ज
पोखरी क्षेत्र के जंगलों में चार दिनों से लगी आग बुधवार को कड़ी मशक्कत के बाद बुझा दी गई। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने जंगल में आग लगाने के मामले में अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। पोखरी के अलावा पीपलकोटी, दशोली और कर्णप्रयाग क्षेत्र के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आग लगी हुई है।
पोखरी के जंगलों में चार दिनों से आग लगी हुई थी जो मंगलवार को बेकाबू हो गई थी। बुधवार को आग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंच गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने आग बुझा दी। पीपलकोटी के समीप पहाड़ी पर भी दो दिनों से लगी आग चट्टानी भाग तक पहुंचने के बाद बुझ गई।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर ने बताया कि वन प्रभाग के अंतर्गत अभी तक पांच हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। जंगल में आग लगाने के मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
धू-धू कर जल रहे उत्तर व पूर्वी जखोली के जंगल
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के उत्तर व पूर्वी जखोली के जंगल बीते कई दिनों से वनाग्नि से जल रहे हैं। शुष्क मौसम के कारण आग की लपटें तेज होने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही गांवों में धुंध छाई हुई है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
सिलगढ़, बांगर, भरदार पट्टी के कई गांवों के जंगल वनाग्नि से स्वाह हो रहे हैं। वन विभाग व ग्रामीणों द्वारा कई जगहों पर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन शुष्क मौसम के कारण आग की लपटें तेज हो रही हैं। इधर, मंगलवार रात्रि को सेमा-भरदार समेत बांगर क्षेत्र में जंगल रातभर जलते रहे।
इधर, पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली ने सर्दियों में हो रही वनाग्नि की घटनाओं को पर्यावरण के बड़ा खतरा बताया है। कहना है कि मौसम में आए बदलाव से यह समस्या पैदा हुई है। दूसरी तरफ डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया कि प्रभाग में शीतकाल में अभी तक वनाग्नि की दस से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें दो हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
बताया कि सभी रेंज अधिकारियों व कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से भी जंगलों को आग से बुझाने में मदद की अपील की है। संवाद