Uttarakhand Weather: पहाड़ में बारिश से मैदान में दहशत, खतरे के निशान पर पहुंचा गंगा का जलस्तर, अलर्ट जारी
- मानसून सीजन में पहली बार चेतावनी निशान पर पहुंचा गंगा का जलस्तर
- दोपहर 12 बजे 293 मीटर तो शाम चार बजे 20 सेमी घटकर हुआ 292.80 मीटर
विस्तार
पहाड़ों में बारिश होने से हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर चेतावनी के निशान पर पहुंच गया। गंगा में पानी बढ़ जाने से जिला प्रशासन ने तटबंधों पर बसे लोगों को सावधान किया गया। साथ ही गंगा के क्षेत्र में लोगों को न आने की चेतावनी दी। जलस्तर बढ़ने पर तहसील और सिंचाई विभाग के अधिकारी गंगा के तटों का निरीक्षण करने के लिए मैदान में गए।
सोमवार की दोपहर को गंगा का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर चेतावनी के निशान 293 मीटर तक पहुंच गया। जैसे ही गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली तो तहसील और सिंचाई विभाग के अधिकारी भीमगोड़ा बैराज से लेकर गंगा के तटबंध पर निरीक्षण करने पहुंचे।
उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के एसडीओ विक्रांत सैनी ने बताया कि गंगा में दोपहर 12 बजे चेतावनी के निशान 293 मीटर तक पानी पहुंच गया। गंगा में पानी बढ़ते ही जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया। इससे एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल के साथ लेखपाल मैदान में पहुंचे और गंगा के तटबंध के क्षेत्रों में निरीक्षण किया। लेखपालों ने चौकीदारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराते हुए गंगा में बढ़े जलस्तर की जानकारी दी।
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साथ ही चेताया कि गंगा के क्षेत्र में बिना सूचना के कोई भी व्यक्ति न जाए। एसडीओ ने बताया कि दोपहर दो बजे के बाद गंगा का जलस्तर कम होने लगा। दोपहर तीन बजे 292.85 मीटर, चार बजे 292.80 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में भीमगोडा बैराज पर पानी 122041 क्यूसेक था, जिनमें से नीचे के लिए 111852 डिस्चार्ज किया गया। गंगनहर में 10,189 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
मानसून सीजन में पहली बाद बढ़ा जलस्तर
मानसून सीजन में पिछले डेढ़ महीने से बारिश हो रही है। पहाड़ों में कई बार तेज बारिश हुई और चमोली जनपद में नुकसान भी हुआ। लेकिन गंगा का जलस्तर 292 मीटर के आसपास ही दर्ज किया गया। इससे प्रशासन भी चिंतित नहीं था। यहां तक कि बाढ़ चौकियों पर चौकीदार न होने पर कोई कार्रवाई नहीं की।
यहां तक कि निरीक्षण तक नहीं किया। केवल निगाह रखने के निर्देश जारी थे। लेकिन इस बार चेतावनी कि निशान तक जलस्तर पहुंच जाने से प्रशासन मैदान में उतरने को मजबूर हो गया। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि गंगा के तटवर्तीय क्षेत्र में अलर्ट जारी करते हुए लेखपालों को तैनात कर दिया है।
बिशनपुर कुंडी में किया अलर्ट
बिशनपुर कुंडी व पुरानी कुंडी में सोमवार को गंगा में पानी बढ़ गया है। बरसात का मौसम होने के कारण पहाड़ी इलाकों में बारिश के चलते गंगा में जलस्तर बढ़ गया। गंगा में अधिक पानी आने से बिशनपुर कुंडी व पुरानी कुंडी के अलावा कई गांवों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। कानूनगो ऋषिपाल सिंह चौहान का कहना है कि सोमवार को गंगा में पानी बढ़ने पर गंगा किनारे बसे बिशनपुर कुंडी व पुरानी कुंडी के लोगों को अलर्ट किया गया है। लोगों को गंगा से दूर रहने की हिदायत दी गई है।