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उत्तराखंडः देहरादून में रुक-रुककर हुई बारिश से हुआ जलभराव, पांच घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे

Sat, 17 Aug 2019 10:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 17 Aug 2019 10:20 AM IST
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uttarakhand weather update heavy rain alert in five districts and char dham yatra update
- फोटो : ani

आज उत्तराखंड के पांच जिलों में मौसम विभाग के द्वारा बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस बीच दोपहर 12 बजे के बाद देहरादून के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश शुरू हो गई। जिससे कई जगह जलभराव हो गया। हालांकि पहाड़ी इलाकों में मौसम साफ बना हुआ है। गढ़वाल और कुमाऊं के अधिकतर इलाकों में मौसम साफ है। चारधाम यात्रा भी जारी है।

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मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार 16 अगस्त को दून, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में बारिश के आसार हैं। राजधानी में गरज और चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 

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लामबगड़ में पांच घंटे अवरुद्ध रहा बदरीनाथ हाईवे 

भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। जगह-जगह भूस्खलन और जलभराव के कारण तीर्थयात्रियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को चट्टान से भूस्खलन होने के कारण लामबगड़ में लगभग पांच घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। भारी बारिश के दौरान सुबह पांच बजे लामबगड़, बाजपुर और क्षेत्रपाल में बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया था। सुबह सात बजे तक क्षेत्रपाल और बाजपुर में मलबे का निस्तारण कर वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई गई, लेकिन लामबगड़ में सुबह नौ बजे तक हाईवे वाहनों के लिए सुचारु हो पाया।

लंगासू, चटवापीपल, सोनला, नंदप्रयाग, मैठाणा और बाजपुर में हाईवे बेहद खस्ता हालत में पहुंच गया है। ऑल वेदर रोड परियोजना के कार्य से चट्टानी भाग से बारिश होने पर मलबा हाईवे पर आ रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है। इधर, एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक आरसी मिश्रा का कहना है कि अधिकांश जगहों पर हाईवे का चौड़ीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। मौसम सामान्य होने पर हिल साइड दीवार और कॉजवे का निर्माण कर हाईवे का डामरीकरण कार्य भी पूर्ण कर लिया जाएगा।

चमोली जिले में अभी भी 24 सड़कें क्षतिग्रस्त

चमोली जिले में भूस्खलन और अतिवृष्टि से 24 सड़कें क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं। बिरही-निजमूला सड़क पांचवें दिन भी वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल पाई है। जिससे ग्रामीणों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। घाटी के 15 गांवों में रसोई गैस और रसद की आपूर्ति भी ठप पड़ी है।

निजमूला घाटी के 15 गांवों को यातायात से जोड़ने वाली एकमात्र बिरही-निजमूला सड़क 12 अगस्त को भारी बारिश के कारण 15 मीटर तक बह गई थी। जेसीबी ने हिल साइड कटिंग कर 14 अगस्त को यहां छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी थी, लेकिन रात को हुई भारी बारिश से फिर सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से में चट्टान से बोल्डर गिरने से सड़क फिर अवरुद्ध हो गई है। वीर गंगा से सड़क को खतरा बना हुआ है।

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से सड़कों को खोलने का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। दोपहर में सड़क खोलने के बाद रात को फिर बारिश से सड़क बंद हो रही है। मौसम सामान्य होने पर सभी सड़कों को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। पैदल रास्तों की मरम्मत के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी निर्देशित किया जा चुका है। 

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आज बंद रहेंगे स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र 

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर उत्तरकाशी जनपद के सभी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में शनिवार को अवकाश रहेगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, भूधंसाव व नदियों का जल स्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है।

जिसे देखते हुए जनपद के सभी शासकीय व अशासकीय विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में शनिवार को अवकाश रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों से अलर्ट रहने को कहा है।।। खबर अभ्युदय कोटनाला।।

बारिश थमने से गंगा का जलस्तर घटा, राहत

हरिद्वार जिले के खानपुर में दो दिन से बारिश थमने के बाद गंगा नदी का जलस्तर भी कम होना शुरू हो गया है। हालांकि एहतियात के तौर पर तहसील प्रशासन गंगा के जलस्तर को लेकर सतर्क है और बाढ़ राहत चौकियों पर कर्मचारी भी 24 घंटे मुस्तैद हैं। जलस्तर कम होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। 

विगत सोमवार और मंगलवार को पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बुधवार को बढ़कर चेतावनी निशान 293 मीटर के करीब पहुंच गया, लेकिन गुरुवार और शुक्रवार को बारिश थमने के साथ ही गंगा का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। गंगा का जलस्तर शुक्रवार दोपहर दो बजे 292.10 मीटर दर्ज किया गया। वहीं तहसील प्रशासन क्षेत्र में बनाई गई बाढ़ राहत चौकी गोवर्धनपुर, माडाबेला, बालावाली और भिक्कमपुर में तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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