Weather Today : प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार, यमुनोत्री हाईवे आवाजाही के लिए खुला
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राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई जिलों में आज भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ज्यादातर जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, राजधानी देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। इसके अलावा पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, टिहरी में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
मसूरी-दून मार्ग कई घंटे रहा बंद
लगातार बारिश के बीच भूस्खलन होने से शनिवार को फिर देहरादून-मसूरी मार्ग बंद हो गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद रास्ता खोलकर हल्के वाहनों को निकाला गया। रास्ता बंद होने का खतरा फिर भी बरकरार है। देहरादून-मसूरी मार्ग चूनाखाले के पास भारी भूस्खलन होने से बंद हो गया, जिसके कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लगी लंबी कतार लग गई।
सूचना पर मसूरी पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी के माध्यम से मार्ग पर आए मलबे और पत्थर को हटाने का काम शुरू किया। कई घंटे के बाद मार्ग को छोटे वाहनों के लिए कुछ समय के लिए खोला गया। बता दें कि मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई जगह से पहाड़ों को जेसीबी और बड़ी मशीनों से काटा गया था, जिसके बाद से ही इस मार्ग पर लगातार भूस्खलन के मामले बढ़ रहे हैं।
ऐसी स्थिति में कई बार बड़े हादसे होने से भी टल गए हैं। पहाड़ तो काट दिया लेकिन पहाड़ का ट्रीटमेंट नहीं किया गया। यही वजह है कि बारिश होने से लगातार पहाड़ टूट कर गिर रहे हैं और सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। कुछ दिनों पहले भी मसूरी कोल्हूखेत पानी वाले बैंड के पास करीब 60 मीटर सड़क भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस कारण यहां वाहनों की आवाजाही कुछ दिनों तक पूरी तरीके से ठप थीं। लोक निर्माण विभाग को सड़क के निर्माण में भी खासी दिक्कतें आ रही हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क निर्माण का कार्य समय से नहीं हो पा रहा है।
एक सप्ताह बाद सिंगटाली में खुला हाईवे
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे सिंगटाली में एक हफ्ते बाद यातायात के लिए खुल गया है, लेकिन तोताघाटी में हाईवे अभी भी बंद है। पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने तोताघाटी के रविवार तक खुलने की उम्मीद जताई है। हाईवे बंद होने से वाहनों को मलेथा-चंबा-नरेंद्रनगर और देवप्रयाग-गजा-खाड़ी मार्गों से जाना पड़ रहा है। हाईवे बंद होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी समय पर नहीं हो पा रही है।
17 अगस्त को देवप्रयाग से करीब 25 किमी आगे ऋषिकेश की ओर तोताघाटी में चट्टान टूट गई थी। तब से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बंद पड़ा है। यहां अस्थायी तौर पर बनाया गया रास्ता भी ध्वस्त हो गया। हाईवे खोलने के लिए जेसीबी लगी थी, लेकिन 22 अगस्त को सिंगटाली में पहाड़ी टूटने हाईवे फिर बंद हो गया था।
स्थिति यह है कि सिंगटाली में शुक्रवार देर रात हाईवे खोल दिया गया जबकि तोताघाटी में हाईवे अभी भी बंद है। उधर पीडब्लूडी एनएच खंड के सहायक अभियंता बीएन द्विवेदी ने बताया कि सिंगटाली में हाईवे खोल दिया गया है जबकि तोताघाटी में रविवार तक हाईवे खोल दिया जाएगा।
लामबगड़ में खुला बदरीनाथ हाईवे
शुक्रवार को लामबगड़ में मलबा आने से बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे शनिवार को खोला जा सका। भारी बारिश के कारण शुक्रवार को हाईवे नहीं खुल पाया था। शनिवार को मौसम खुलने के बाद 10 बजे हाईवे से मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू की गई।
तीन दिन बाद भी नहीं खुला स्यानाचट्टी कुनसाला मोटर मार्ग
बारिश से हुए भूस्खलन से उत्तरकाशी जिले के करीब आधा दर्जन संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं। वहीं भूस्खलन से बाधित स्यानाचट्टी कुनसाला मोटर मार्ग पर तीन दिन बाद भी यातायात सुचारु नहीं हो पाया है।
ग्रामीण चंद्र मोहन राणा ने कहा कि यातायात ठप होने से ग्रामीणों का आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, शुक्रवार रात की बारिश के बाद भुक्की कुज्जन, चिन्यालीसौड़ जोगत, मोरी नानाई, राजगढ़ी सरनौल और दरमाण गांव भदरासू मोटर मार्ग भी अवरुद्ध हो गए, जिन्हें बहाल करने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारी लगातार मलबा हटाने का कार्य कर रहे हैं।
ओजरी डबरकोट में शुक्रवार शाम को भूस्खलन से अवरुद्ध हुए यमुनोत्री हाईवे पर शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे यातायात बहाल हो पाया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि अधिकांश मार्गों को खोल दिया गया है, लेकिन खराब मौसम व पहाड़ी से मलबा पत्थर गिरने के खतरों के कारण कुछ स्थानों पर टीमों को दिक्कत हो रही है।
बरसात से 24 संपर्क मोटर मार्ग बंद
रुद्रप्रयाग में आए दिन हो रही मूसलाधार बारिश से जनपद में 24 मोटर मार्ग लंबे समय से अवरुद्ध हैं, जिसमें 14 मोटर मार्गों को व्यापक नुकसान हुआ है। मार्गों को दुरुस्त करने में कई दिन लग सकते हैं, जिसके चलते एक सौ से अधिक गांवों के ग्रामीणों को बाजारों तक पहुंचने के लिए मीलों पैदल नापना पड़ रहा है।
जखोली ब्लॉक के बांगर व सिलगढ़ पट्टी के तीस से अधिक गांवों को जोड़ने वाला गोरपा-सिरवाड़ी-कुरछोला मोटर मार्ग जहां नौ अगस्त से बंद पड़ा है। वहीं, छेनागाड़-बकसीर मोटर मार्ग बरकंडी गदेरे में मलबा आने से 11 अगस्त से बंद पड़ा है, जिससे पूर्वी बांगर के दस गांवों का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।
इधर, मयाली-रणधार, रुद्रप्रयाग-चोपड़ा-कुरझण-कांडई, कांडई-कमोल्ड़ी-बरसूड़ी चाका-बुडोली, छेनागाड़-उछोला, बडियारगढ़-धौडंगी-सौंराखाल, बांसवाड़ा-कणसिल-चंद्रनगर-मोहनखाल समेत 24 मोटर मार्ग बाधित हैं। ईई लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग इंद्रजीत बोस का कहना है कि जनपद में जिन संपर्क मोटर मार्गों को कम नुकसान हुआ है, उन्हें प्राथमिकता से खोला जा रहा है। जबकि भूस्खलन व भूधंसाव से व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त मार्गों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कर स्थायी मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।