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उत्तराखंड: 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में हो सकता है बारिश से नुकसान

Sun, 02 Sep 2018 09:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 02 Sep 2018 09:17 AM IST
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uttarakhand weather round up 48  hours dangerous for eight districts
- फोटो : AMAR UJALA

प्रदेश में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश हो सकती है। इसको लेकर मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विशेषकर निचले मैदानी क्षेत्रों में बारिश से नुकसान हो सकता है। 

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मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इस अवधि में नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, पौड़ी और देहरादून में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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मौसम विभाग ने निचले मैदानी क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। 

मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि तीन सितंबर तक भारी बारिश का सिस्टम बना हुआ है। मंगलवार चार सितंबर को बारिश कम हो सकती है। इसके बाद लोगों को बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल अगले 48 घंटों के दौरान सावधानी बरतनी जरूरी है। 

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फिर चेतावनी निशान के पार गंगा

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हरिद्वार के खानपुर में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा का जलस्तर फिर चेतावनी के निशान (चेतावनी का निशान 293 मीटर) को पार कर गया है। इस पर प्रशासन सतर्क हो गया है। बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है।

तीन दिन से हो रही बारिश के बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 294 मीटर के करीब पहुंच गया था। हालांकि उसके बाद जलस्तर कम होना शुरू हो गया था, लेकिन शनिवार तड़के भारी बारिश के चलते फिर जलस्तर चेतावनी निशान 293 मीटर के ऊपर पहुंच गया। दोपहर दो बजे जलस्तर 293.05 मीटर दर्ज किया गया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के चलते क्षेत्र की चारों बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। प्रत्येक दो घंटे में जलस्तर की रिपोर्ट ली जा रही है।

कृषि भूमि पर बाढ़ का पानी भरने से चारे का संकट
15 दिन पहले गंगा और सोलानी नदी में आई बाढ़ का पानी अब भी करीब साढे़ 14 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर फैला पड़ा है। जिसके चलते किसान खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे इनके सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। 14 अगस्त को पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश के चलते गंगा और सोलानी नदी में उफान आ गया था। इससे कलसिया गांव के पास तटबंध ध्वस्त हो गया था। उसके बाद गंगा का पानी डुमनपुरी, कलसिया, बालावाली, बादशाहपुर सहित उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव की कृषि भूमि में फैल गया था। सोलानी नदी उफनने से इसका पानी क्षेत्र के करणपुर, महेश्वरा, रुहालकी, अब्दीपुर, धर्मपुर, प्रह्लादपुर ,शाहपुर, हस्तमौली, मदारपुर, आलमपुरा, जोगावाला, दाबकी खेड़ा गांव की कृषि भूमि पर फैल गया था। उसके बाद से किसान चारे के लिए परेशान हो रहे हैं।

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