Uttarakhand Weather: दून और मसूरी समेत कई इलाकों में हुई बारिश ने गर्मी से दी राहत, प्रदेश में 275 सड़कें बंद
बारिश से पहाड़ों पर जनजीवन अस्त व्यस्त है। अभी कुछ दिन और लोगों को बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। अगले दो दिन मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद रविवार सुबह आसमान साफ होने से लोगों को बड़ी राहत मिली। हालांकि, तेज धूप के चलते अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। हालांकि, दिन में कई जगह बारिश होने के बाद उमस भरी गर्मी ने सताया।
बीते कुछ दिनों से सामान्य तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा रही थी। 20 जुलाई को अधिकतम तापमान में छह डिग्री का इजाफा दर्ज किया गया था। उधर, मौसम विभाग ने आज जिले के कई इलाकों में तेज गर्जन के साथ बौछार वाली बारिश की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, बीते वर्षों के मुकाबले 23 जुलाई को सामान्य से कम बारिश हुई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि एक साथ के बजाय रूक-रूक कर और अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
मसूरी में बारिश से मौसम हुआ सुहावना
शहर में रविवार को सुबह हल्की धूप खिली, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और झमाझम बारिश हुई। इससे शहर का मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई। शहर में कुछ देर के लिए जमकर मूसलाधार बारिश हुई। पर्यटकों को कुछ समय के लिए होटलों में कैद होना पड़ा।
तीन नेशनल हाईवे समेत 275 सड़कें बंद, नौ स्टेट हाईवे भी अवरूद्ध
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण टिहरी जनपद में लछमोली जामणीखाल राज्य मोटर मार्ग किमी 24 पर बगवालधार के पास पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। इसके अलावा तीन नेशनल हाईवे समेत 275 सड़कें बंद हैं। सड़कें बंद होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर यात्री फंसे होने का भी समाचार है।
बदरीनाथ हाईवे कर्णप्रयाग में बाबा आश्रम के पास बंद हुआ, लेकिन करीब एक घंटे में मार्ग को खोल दिया गया। नंदप्रयाग, पीपलकोटी, छिनका, पागलनाला और कंचनगंगा के पास यह मार्ग अकसर बंद हो रहा है। जिससे बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को समाचार लिखे जाने तक प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे बंद थे। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग 94 बड़कोट में पांच जगह धरासू, कल्याणी के पास, कुम्हाड़ा, गगनानी और डाबराकोट के पास बंद है। एनएच 72-बी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड डोईवाला के अंतर्गत फैडीज से सनेल के बीच बंद है। यह मार्ग 22 जुलाई से बंद है। चमोली में एनएच 87-ई रुद्रप्रयाग डिविजन के तहत किमी 171 से 235 के बीच बंद है।
इसके अलावा टिहरी जनपद में लछमोली जामणीखाल राज्य मोटर मार्ग किमी 24 पर बगवालधार के पास पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। चट्टान की ओर से आवासीय घर और दुकानें स्थित होने के चलते कटिंग संभव नहीं है। इसलिए मार्ग के फिलहाल खुलने के आसार नहीं है। फिलहाल इस मार्ग के यातायात को जामणीखाल- तौली- नौसा- बागी- गुजेठा- हिसरियाखाल मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। इस सड़क के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों की आबादी प्रभावित हुई है। लोनिवि के अनुसार, प्रदेशभर में कुल 190 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। रविवार को 232 सड़कें और बंद हुईं। कुल 422 बंद सड़कों में से रविवार शाम तक 147 सड़कों को ही खोला जा सका था।
लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव ने बताया कि प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे, नौ स्टेट हाईवे, सात मुख्य जिला मार्ग, एक जिला मार्ग, 108 ग्रामीण सड़कें और 147 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं। रविवार को सड़कों को खोलने के काम में 234 जेसीबी मशीनों को लगाया गया। प्रदेश में सबसे अधिक ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इससे ग्रामीणों को जिला मुख्यालय पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।