Uttarakhand Weather: अलर्ट के बीच देहरादून में हुई बारिश, भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे बंद, यात्री फंसे
Uttarakhand Weather Update: आज प्रदेशभर के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। कुछ इलाकों में बिजली चमकने के साथ कई दौर की बौछार वाली बारिश हो सकती है।
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उत्तराखंड के सभी जिलों में आज भारी बारिश के आसार हैं। पहाड़ी इलाकों में सुबह बारिश से दिन की शुरुआत हुई तो मैदानी इलाकों में बादल छाए रहे। दोपहर में मौसम ने करवट बदली और राजधानी देहरादून में बारिश शुरू हो गई।
बदरीनाथ हाईवे बंद
भारी बारिश के दौरान सुबह करीब साढे़ आठ बजे बाजपुर में बदरीनाथ हाईवे बाधित हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा हाईवे पर आ गया है। जिससे हाईवे के दोनों ओर यात्रा व स्थानीय वाहन फंसे हैं। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे करीब 3000 तीर्थयात्री हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने ज्यादातर इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि, मंगलवार के लिए भी पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
अन्य सभी जिलों में 18 जुलाई को बारिश का यलो अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, 17 जुलाई को प्रदेशभर के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। कुछ इलाकों में बिजली चमकने के साथ कई दौर की बौछार वाली बारिश हो सकती है।
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प्रदेश में 286 सड़कें बंद
प्रदेश में बारिश के कारण ग्रामीण सड़कों पर सबसे अधिक मार पड़ रही है। बीते दिन बंद 306 ग्रामीण (सिविल और पीएमजीएसवाई) सड़कों में से मात्र 47 ही खुल पाईं। इस तरह से 259 सड़कें अब भी बंद हैं। जबकि 17 राज्य मार्गों सहित प्रदेश में कुल 286 सड़कों को खुलने का इंतजार है।
बीते 24 घंटे में कुल 72 सड़कें बंद हुई हैं, जबकि 263 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। कुल 335 बंद सड़कों में से रविवार को मात्र 49 सड़कों को खोला जा सका। रविवार शाम समाचार लिखे जाने तक 286 सड़कें बंद थीं। प्रमुख अभियंता लोनिवि दीपक यादव ने बताया कि सड़कों को खाेलने के लिए 245 जेसीबी, पोकलेन, चेन डोजर आदि मशीनों को लगाया गया है। बंद सड़कों में 17 स्टेट हाईवे, पांच मुख्य जिला मार्ग, पांच जिला मार्ग, 134 ग्रामीण सड़कें और 125 पीएमजीएसवाई की सड़कें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब इन मानसून सीजन में 15 जून से अब तक 2202 सड़कें बंद हो चुकी हैं, इनमें से 1916 सड़कों को खोला जा चुका है।
इसके अलावा 25 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलों और सड़कों को पूर्वत स्थिति में लाने के लिए लोनिवि की ओर से 15928.31 लाख रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है। उधर, खानपुर और लक्सर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत करीब 70 प्रतिशत सड़कें जलमग्न हैं, इन सड़कों की क्षति का आकलन अभी नहीं किया जा सका है। पानी उतरने के बाद भी सही स्थिति का पता चल पाएगा।
हरीश रावत ने किया विरोध
उत्तराखंड के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कल हरिद्वार के रूड़की के खानपुर गांव में पानी से भरी सड़क पर कुर्सी पर बैठकर क्षेत्र में जलभराव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान रावत ने कहा कि यहां की स्थिति दयनीय है। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मैंने उन्हें 3-4 पंप लगाकर पानी निकालने का सुझाव दिया है। इस क्षेत्र से पानी निकालना बहुत आसान है, यहां कोई रॉकेट तकनीक नहीं है। जब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होगी मैं यहीं बैठा रहूंगा।