उत्तराखंड: कई जगह बारिश के आसार, टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने से सड़क का 10 मीटर हिस्सा झील में समाया
Uttarakhand Weather Forecast: पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने के साथ गर्जन की संभावना भी मौसम विभाग ने जताई है। देहरादून में आसामान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। हल्की के मध्यम वर्षा और गर्जन के साथ तेज बौछारें के कुछ दौर हो सकते हैं।
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रविवार को भी उत्तराखंड राज्य के जनपदों के अधिकांश स्थानों में हल्की से मध्यम के साथ ही गर्जन के साथ तेज बौछारें पड़ने की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, जनपदों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने से सड़क का 10 मीटर हिस्सा झील में समाया
टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने से चिन्यालीसौड़ पुरानी जोगत रोड ब्लॉक मुख्यालय के पास लगभग सड़क का 10 मीटर हिस्सा झील में समा गया है। जिससे विकासखंड चिन्यालीसौड़ की आवासीय कालोनी, बिजलवाण मौहल्ला एवं ब्रिज को खतरा उत्पन्न हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से इस मोटर मार्ग को पुलिस द्वारा आवाजाही के लिए बंद करवा दिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा टीएचडीसी से सुरक्षात्मक कार्य करवाए जाने की मांग की जा रही है। टिहरी झील का जलस्तर वर्तमान समय में 828 मीटर है।
इस बार सरकार ने झील का जलस्तर 830 मीटर तक भरने की अनुमति दी है, जिससे झील के तटवर्ती गांवों और गमरी- दिचली पट्टियों को जोड़ने वालों संपर्क मोटर मार्गों को झील के कटाव के कारण खतरा हो सकता है। बता दें कि साल 2013 की आपदा मे टिहरी बांध की झील का जलस्तर 831 मीटर पहुचने पर बिजली का उत्पादन करीब एक सप्ताह ठप हो गया था।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
चमोली जनपद में गौचर से माणा गांव तक बदरीनाथ हाईवे सुचारू है। जोशीमठ-नीती हाईवे भी सुचारू है। चमोली जनपद में बारिश और भूस्खलन से 13 सड़कें अभी भी बंद हैं। जनपद में मौसम सामान्य है। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग भटवाड़ीसैंण में अवरूद्ध है।
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मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने के साथ गर्जन की संभावना भी जताई है। देहरादून में आसामान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। हल्की के मध्यम वर्षा और गर्जन के साथ तेज बौछारें के कुछ दौर हो सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में एक या दो दौर की तीव्र बारिश हो सकती है।
मलबा निकालने और कपड़े सुखाने में बीता दिन
देहरादून में लगातार बारिश के बाद शनिवार को कुछ राहत रही। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। इससे लोगों को संभलने का मिला और घरों, दुकानों में घुसे मलबे निकालने में दिन बीता। हालांकि शाम के समय हल्की बारिश शुरू होने से एक बार फिर कई इलाकों के लोग दहशत में दिखे।
नंदप्रयाग और पागलनाला में एक घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
भूस्खलन और मलबा आने से रविवार को नंदप्रयाग और पागलनाला में बदरीनाथ हाईवे करीब एक घंटे तक बाधित रहा। यहां एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। इन दिनों जिले में रात के समय हो रही बारिश से हाईवे जगह-जगह बदहाल स्थिति में पहुंच गया है।
पागलनाला, खचरा नाला और लामबगड़ नाले में बार-बार हाईवे बाधित हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही सेना के वाहनों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। नंदप्रयाग क्षेत्र में ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत कई जगहों पर हिल साइड पुश्ता निर्माण कार्य आधा-अधूरा पड़ा है, जिससे यहां बार-बार पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है।
नंदप्रयाग में रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे पहाड़ी से अचानक मलबे के साथ चीड़ के पेड़ गिरकर हाईवे पर आ गए। सूचना मिलने पर एनएच की जेसीबी मौके पर पहुंची और मलबा और पेड़ों को हटाया गया। करीब एक घंटे बाद शाम साढ़े पांच बजे यहां वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। वहीं, पागलनाला में भी सुबह सात से आठ बजे तक मलबा आने से हाईवे बाधित रहा।