मौसम का सितम: देहरादून में अप्रैल की गर्मी ने तोड़ा पिछले साल का रिकॉर्ड, हरिद्वार में 16 साल में सबसे गर्म दिन रहा गुरुवार
- दून में इस माह पहली बार 37 डिग्री के पार पहुंचा अधिकतम तापमान
विस्तार
राजधानी देहरादून में अप्रैल की गर्मी ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुरुवार को दून में अधिकतम तापमान 37 डिग्री के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया। पिछले साल अप्रैल में अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक नहीं पहुंचा था। मौसम विभाग ने शुक्रवार को कुछ स्थानों पर ओले गिरने का अनुमान जताया है।
गुरुवार को दून में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री तक पहुंच गया। यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। पिछले वर्ष भी 15 अप्रैल को माह का सबसे गर्म दिन था, जब अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, रात के तापमान में भी इजाफा हुआ है। न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक बढ़कर 19.5 डिग्री तक पहुंच गया।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को राजधानी दून समेत प्रदेश के कई जिलों में ओले गिरने, आकाशीय बिजली चमकने और तेज झोंकेदार हवा चलने का अनुमान जताया है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, दून व टिहरी में कुछ स्थानों पर ओले गिर सकते हैं।
हरिद्वार में शुक्रवार को तापमान 40 डिग्री पहुंचने के आसार
बैसाखी के स्नान के बाद गुरुवार को अचानक सूरज का पारा चढ़ गया। 37.5 डिग्री तापमान पहुंचने से गुरुवार बीते 16 साल में सबसे अधिक गर्म दिन रहा। न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने से शुक्रवार को रिकार्ड गर्मी 40 डिग्री सेल्सियस पारा पहुंचने का पूर्वानुमान है।
अप्रैल के पहले सप्ताह से ही पारा 34 से 36 डिग्री के आसपास है। पर्वतीय इलाकों में जंगलों की आग और उसका धुआं इसकी वजह मानी जा रही है। हरिद्वार में भी लगातार आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री और न्यूनतम 18.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। ऋतु आलोकशाला के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत के मुताबिक गुरुवार 16 सालों बाद सबसे अधिक गर्म दिन रहा।
15 अप्रैल 2004 को 38 डिग्री तापमान पहुंचा था, लेकिन तब भी न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा था, लेकिन इस साल 15 अप्रैल को न्यूनतम तापमान 2004 की तुलना में अधिक दर्ज हुआ। नरेंद्र रावत ने बताया कि शुक्रवार को पारा अधिकतम 40 डिग्री और न्यनतम 20 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। इससे सूरज आग उगलेगा।
कम बारिश और ठंड के बाद ज्यादा होगी गर्मी
मौसम में लगातार बदलाव आ रहा है। बीते साल अक्टूबर और नवंबर में बारिश नहीं हुई। इसके चलते दिसंबर और जनवरी में ठंड कम रही। फरवरी से पारा 31 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। मार्च महीने में 31 से 32 डिग्री तक रहा। अप्रैल के पहले सप्ताह से पारा 36 डिग्री तक पहुंचने लगा, लेकिन न्यूनतम तापमान 14 डिग्री होने से सुबह-शाम पंखे कूलर की जरूरत नहीं थी। दूसरे पखवाड़े से अधिकतम तापमान 37.5 पहुंचने से न्यूनतम पारा भी 18 डिग्री से अधिक आ गया है।
अप्रैल माह में पारा 40 डिग्री से अधिक पहुंच जाएगा। न्यूनतम पारा भी 21 डिग्री पार करेगा। इससे दोपहर में गर्म हवाएं शुरू हो जाएंगी। आग लगने की घटनाएं बढ़ने से तापमान भी बढ़ेगा।
- नरेंद्र रावत, शोध पर्यवेक्षक, ऋतु आलोकशाला