उत्तराखंड वासियों को खूब भाया मोदी का यह सिस्टम, ऐसे बदलाव देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान
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केंद्र सरकार की ओर से डिजिटल इंडिया की शुरुआत करने के बाद उत्तराखंड में भी लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि इन दो सालों में जो बदलाव हुए हैं वह हैरतअंगेज कर देने वाले हैं।
डिजिटल पेमेंट की दिशा में उत्तराखंड ने तेज दौड़ लगा दी है। इस लिहाज से हुए तमाम कार्यों के संबंध में मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने केन्द्रीय कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अवगत कराया।
मंगलवार को सचिवालय में आधार और मोबाईल सीडिंग के बारे में मुख्य सचिव ने बताया कि 1.47 करोड़ बैंक खातों को आधार से जोड़ दिया गया है। इनमें से 51 लाख खातों की सीडिंग भी हो गई है। प्रधानमंत्री जनधन योजना में 22 लाख खाते खोले गए, जिनमें से 11 लाख खातों की आधार सीडिंग हो गई है। इसके साथ ही बैंकों द्वारा बल्क एसएमएस भेजे जा रहे हैं। साथ ही जिलों में जागरुकता कैम्प भी लगाए गए हैं।
कैबिनेट सचिव को किराना दुकानों, सफल, मदर डेयरी आदि और आवश्यक वस्तुओं को डिजिटल प्लेटफार्म पर बिक्री के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि 24,000 पीओएस प्वाइंट ऑफ सेल की मांग के सापेक्ष अब तक 1403 पीओएस जारी किए गए हैं। शेष के लिए कार्रवाई की जा रही है। बताया गया है कि 18 लाख रूपे कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें से 12 लाख कार्ड को सक्रिय कर दिया गया है।
इन जगहों पर यह हुआ फायदा
कैम्प लगाकर प्री-एक्टिवेटेड कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही देहरादून और हल्द्वानी में डिजीधन मेला लगाया गया। राज्य में 252 सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) को बिजनेस करेसपांडेंट (बीसी) बनाया गया है। शेष 3200 सीएससी को बीसी के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। डिजिटल इंडिया की प्रगति के बारे में बताया गया कि 1183 ग्राम पंचायतों में ओएफसी (ऑप्टिकल फाइबर केबिल) बिछा दिया गया है।
1297 ग्राम पंचायतों में पीएलबी (पेलोड लूप बैक) बिछा दिया गया है। वीसी में बताया गया कि राज्य में मनरेगा के 9.16 लाख लाभार्थी हैं। इनमें से 3.86 लाख को आधार आधारित भुगतान किया जा रहा है। 20.98 लाख एलपीजी लाभार्थियों में से 1.93 लाख को आधार के आधार पर किया जा रहा है।
3.99 लाख पेंशनर्स में 2.73 लाख को यूआईडी (यूनिक आडेंटिफिकेशन) के आधार पर और 2.86 लाख छात्रवृत्तिओं में 2.83 लाख को यूआईडी के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। बताया गया कि सभी सरकारी अधिकारी ओएफसी पॉप (पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल) और ई-सर्विस डिलिवरी से जुड़े हैं। वीसी के दौरान अपर सचिव वित्त अरुणेन्द्र चौहान, सोनिका, रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।