उत्तराखंड: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरो में भी होगी टाइगर सफारी, जरूर होगा बाघ का दीदार
- सेंट्रल जू अथॉरिटी और एनटीसीए की मिली मंजूरी
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ज्यादातर पर्यटक बाघ देखने के लिए आते हैं, लेकिन कई बार बाघ नहीं दिखने पर उन्हें मायूस होना पड़ता है। अब यहां आने वाले पर्यटकों को बाघ का दिखना तय है। कॉर्बेट प्रशासन पाखरो में 106 हेक्टयेर में टाइगर सफारी की शुरुआत करने जा रहा है। इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एनटीसीए की ओर से मंजूरी मिल गई है।
साल 2019 में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में भ्रमण पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाखरो में टाइगर सफारी बनाने की घोषणा की थी। तब से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व इसकी कार्ययोजना बनाने में जुट गया था। पाखरो में 106 हेक्टेयर वन भूमि में टाइगर सफारी कराई जाएगी। पर्यटक कॉर्बेट के कोटद्वार गेट से बफर जोन पाखरो ब्लॉक में टाइगर सफारी कर सकेंगे।
कॉर्बेट के लिए पर्यटकों का सबसे ज्यादा दबाव नैनीताल के रामनगर क्षेत्र से है, जहां से वे ढिकाला समेत अन्य जोन का रुख करते हैं। यहां सैलानियों के भारी दबाव को देखते हुए पौड़ी जिले के कोटद्वार से भी कॉर्बेट का गेट खोला गया है। यहां से भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए कॉर्बेट के बफर जोन पाखरो ब्लॉक के कक्ष तीन और आठ में 106 हेक्टेयर क्षेत्र को टाइगर सफारी में तब्दील करने का प्रस्ताव है।
लगभग 20 करोड़ की इस कार्ययोजना का मसौदा तैयार कर शासन को भेजा गया था। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि इस कार्ययोजना को सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) की ओर से अनुमति मिल गई है। टाइगर सफारी शुरू होने पर कोटद्वार से भी कॉर्बेट के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे कोटद्वार के रास्ते भी इस क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन के नए आयाम स्थापित होंगे।
514 हेक्टेयर बढ़ा कॉर्बेट का क्षेत्रफल
धारा, झिरना, कोटीरौ और लालढांग अब आरक्षित वन क्षेत्र में शामिल हो गया है। ऐसे में अब कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के क्षेत्रफल में 514 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हो गई है। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल 1318 वर्ग किलोमीटर है, अब इसमें 514 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हो गई है।
15 नवंबर से खुलेगा नया रिंगोड़ा जोन
कॉर्बेट पार्क में पर्यटकों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सीटीआर प्रशासन की ओर से नया पर्यटन जोन बनाने की कवायद चल रही थी। इसे देखते हुए रिंगोड़ा पर्यटन जोन की कार्ययोजना तैयार करके चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। 15 नवंबर से नया रिंगोड़ा जोन खोलने की तैयारी चल रही है।
बिजरानी पर्यटन क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 68 किमी मार्गों पर पर्यटक वाहनों का संचालन किया जा रहा है, जो कि चार घंटे की अवधि में पूर्ण होना संभव नहीं है। एनटीसीए के निर्देशों का पालन करते हुए बिजरानी के बफर जोन के रिंगौड़ा चौड़ वाले क्षेत्र को अलग कर आमडंडा बीट, बिजरानी रेंज, गर्जिया बीट, सर्पदुली रेंज के क्षेत्रों को जोड़कर नया पर्यटन जोन रिंगोड़ा पर्यटन जोन के नाम से विकसित किया गया।
कार्ययोजना तैयार कर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को प्रस्ताव भेजा था, जिसकी अनुमति मिल गई है। ऐसे में अब नया पर्यटन जोन खोलने की तैयारी चल रही है। 15 नवंबर को ढिकाला जोन खोला जाता है, तभी इस जोन को भी खोला जाएगा। जब तक रिंगोड़ा जोन का मुख्य गेट नहीं बनता तब तक बिजरानी गेट से पयर्टन जंगल सफारी के लिए जाएंगे। शुरुआत में 15 जिप्सी सुबह और 15 जिप्सी शाम के समय जंगल सफारी के लिए जाएंगी।
ग्रासलैंड है रिंगोड़ा चौड़ का मुख्य आकर्षण
रिंगोड़ा चौड़ में बड़ा ग्रासलैंड इस पर्यटन क्षेत्र का मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। इस चौड़ का क्षेत्रफल लगभग 40 हेक्टेयर है और इसके आसपास अनेक जल धाराएं और स्रोत हैं। इनमें वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जो कि वन्यजीव बहुल वाले क्षेत्र के लिए एक आदर्श स्थिति है। इस क्षेत्र को ईको टूरिज्म के लिए विकसित किया जा सकता है। इलाके में 45 किमी के वन मार्ग विकसित किए जा सकेंगे। यह समस्त वन क्षेत्र कॉर्बेट टाइगर रिजर्व रामनगर के बफर क्षेत्र में स्थित है।
चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की ओर नया रिंगोड़ा पर्यटन जोन खोलने की अनुमति मिल गई है। रिंगोड़ा जोन को बिजरानी जोन के बफर जोन में विकसित किया गया है। 15 नंवबर से रिंगोड़ा जोन को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
-राहुल, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व