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कहानी चुनाव की:...जब इंदिरा गांधी की जनसभा के बाद लोगों ने किया था पथराव, बहुगुणा के साथ खड़ा था पहाड़

Sat, 30 Mar 2024 01:34 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग (चमोली) Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 30 Mar 2024 01:34 PM IST
सार

Uttarakhand Election Story: आठ जून 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी गौचर में जनसभा को संबोधित करने आईं थी। सभा समाप्त के बाद जैसे ही प्रधानमंत्री का हेलीकाप्टर जोशीमठ के लिए उड़ा बहुगुणा जी के समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया।

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Uttarakhand Story of elections Flashback when people pelted stones after Indira Gandhi public meeting
इंदिरा गांधी - फोटो : facebook/IndiraPriyadarshiniGandhi

विस्तार

साल 1982 के चुनावों में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने गौचर और जोशीमठ में जनसभाएं की थीं। लेकिन इस दौरान अधिकांश पहाड़वासी एचएन बहुगुणा के साथ खड़े थे। उस समय गौचर में जनसभा समाप्त होने के बाद लोगों ने इंदिरा के हेलीकॉप्टर पर पत्थर बरसा दिए थे। इस दौरान कांग्रेस समर्थकों ने भी खासा दिक्कतें झेली थीं।

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कर्णप्रयाग के सांकरी निवासी आशा राम कुमेड़ी ने बताते हैं कि आठ जून 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी गौचर में जनसभा को संबोधित करने आईं थी। सभा समाप्त के बाद जैसे ही प्रधानमंत्री का हेलीकाप्टर जोशीमठ के लिए उड़ा बहुगुणा जी के समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया। आशा कुमेड़ी बताते हैं कि उस समय वह छात्र थे और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी थे। पत्थरों से बचने के लिए सभी ने फाॅरेस्ट गेस्ट हाउस गौचर में शरण ली।
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जब माहौल शांत हुआ तो स्व. सुरेशानंद नौटियाल, स्व. ईश्वरीदत नवानी, स्व. रमेश खंडूड़ी और स्व. पूरण सिंह प्रचार के लिए नौटी क्षेत्र में पहुंचे। यहां वापसी में नौटी गांव वालों ने सड़क के दोनों ओर दीवार लगाई थी। यहां भी सभी कांग्रेस नेताओं को पथराव का सामना करना पड़ा था।

उस दौरान पुलिस भी मदद नहीं कर पाई। किसी तरह हरियाणा के तत्कालीन सीएम भजन लाल को इसकी सूचना पहुंचाई गई। तब जाकर हरियाणा पुलिस की मदद से कांग्रेस नेता वहां से निकल सके। आशा राम कुमेड़ी बताते हैं कि वर्ष 1984 में उन्होंने राजकीय सेवा में जाने के बाद पौड़ी में कलेक्ट्रेट के पीछे लगने वाली संघ की शाखा जाना शुरू किया था।

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