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उत्तराखंड: प्रदेश के 13 जिलों में 112 की तर्ज पर बनेंगे स्मार्ट पुलिस कंट्रोल रूम
Mon, 05 Apr 2021 11:52 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 05 Apr 2021 11:52 PM IST
सार
- शुरूआत में चार बड़े जिलों से की जा रही है शुरूआत
- शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों को जोड़ा जाएगा कंट्रोल रूम से
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
उत्तराखंड के सभी जिलों में अब 112 की तर्ज पर स्मार्ट कंट्रोल रूम बनने जा रहे हैं। यह सिर्फ घटना पर पुलिस को बुलाने तक ही सीमित नहीं रहेगा। बल्कि इसके माध्यम से पूरे जिले में सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा सकेगी। इस एकीकृत कंट्रोल रूम के बनने से पुलिस की गतिशीलता में बढ़ोतरी होगी।
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दरअसल, केंद्र सरकार की मदद से देहरादून में पूरे राज्य का डायल 112 का कंट्रोल रूम बनाया गया है। केंद्र से आए बजट से यहां पर कंप्यूटर और अन्य साजोसामान खरीदे गए थे। वर्तमान में इसी केंद्र से सूचना मिलने पर हर शहर में पीसीआर वाहनों के माध्यमों से पुलिस पीड़ितों तक पहुंचती है। इसमें पुराने कंट्रोल रूम से बेहतर सुविधाएं हैं।
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उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि अब सभी जिलों में इसकी तर्ज पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। इनमें सिर्फ वायरलेस सिस्टम ही नहीं बल्कि अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जिलों पर नजर रखी जा सकेगी। इसके लिए बजट पुलिस आधुनिकीकरण से लिया जा रहा है। शुरूआत में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जनपदों में यह व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद सभी जिलों में ये स्थापित होंगे।
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698 करोड़ की जिला योजना के लिए आदेश जारी
जिला नियोजन समितियों का गठन न होने के कारण कोरोना काल की तर्ज पर ही वर्ष 2021-22 में जिला योजना का बजट खर्च किया जाएगा। सरकार ने नए वित्तीय वर्ष के लिए 698 करोड़ रुपये की जिला योजना तय की है।
जिला नियोजन समितियों के गठन को लेकर अभी सरकार के स्तर पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में शासन ने वर्ष 2020 में जारी गाइडलाइन के हिसाब से ही जिला योजना के बजट को खर्च करने का आदेश जारी किया है। प्रमुख सचिव नियोजन मनीषा पंवार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2020 में जारी अध्यादेश के तहत ही बजट को खर्च किया जाए।
इसमें बजट जिलाधिकारियों को सौंपा गया था और सुझाव प्रभारी मंत्रियों से मांगे गए थे। जिला योजना में बुनियादी ढांचे के विकास, ई लर्निंग सहित सिंचाई आदि योजनाओं के विकास पर पैसा खर्च करने को प्राथमिकता दी गई है।