उत्तराखंड: सरकार ने तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सम्मान राशि 10-10 हजार रुपये बढ़ाई
- 38 लाख की संपत्ति खरीदने पर महिलाओं से लिया जाएगा एक रुपया
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राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली और राज्यस्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार की सम्मान राशि को प्रदेश सरकार ने दस-दस हजार रुपये बढ़ा दिया है। शनिवार को तीलू रौतेली जयंती पर सचिवालय में आयोजित समारोह में सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इसकी घोषणा की।
प्रदेश सरकार तीलू रौतेली पुरस्कार योजना के तहत प्रति वर्ष 21 हजार रुपये की सम्मान राशि देती है। सीएम ने इस राशि को अगले साल से बढ़ाकर 31 हजार रुपये व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार की सम्मान राशि भी 11 हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने की घोषणा की।
कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि अनाथालयों में पले बढ़े युवक युवतियों को सरकारी सेवा में पांच प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। महिला किसानों और स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के पांच लाख रुपये का कर्ज दिया जा रहा है।
कुल 43 को किया गया सम्मानित
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में अभी महिलाओं को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। रेखा आर्या ने कहा कि महिलाओं को 50 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर मात्र एक रुपये का शुल्क लिया जाना चाहिए।
इस बार का तीलू रौतेली पुरस्कार 21 महिलाओं और किशोरियों को दिया गया। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से 22 महिलाओं को नवाजा गया। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबंधित जिलों में यह पुरस्कार दिए गए।
इनका हुआ सम्मान
अल्मोड़ा
1. प्रीति भंडारी - मशरूम उत्पादन और प्रशिक्षण।
2. शिवानी आर्या - दिल्ली में एशियन कराटे गेम्स में कांस्य पदक।
बागेश्वर
3. गुंजन बाला - राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडों प्रतियोगिता में एक स्वर्ण सहित अन्य पुरस्कार।
चंपावत
4. जानकी - पोलियो से जूझते हुए गरीबी में संघर्ष करते हुए उच्च शिक्षा हासिल की।
चमोली
5. शशि देवली - साहित्य सम्मान, गौरव सम्मान हासिल किया, 22 वर्ष से शिक्षण और लेखन के जरिये सामाजिक जागरुकता का काम किया।
देहरादून
6. उन्नति बिष्ट - बैडमिंटन में विश्व स्तर पर प्रतिनिधित्व, एशियन जूनियर से वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में प्रतिनिधित्व किया।
7. संगीता थपलियाल - कोविड काल में सैकड़ों मजदूरों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया, सामाजिक रूप से सक्रिय।
8. गीता मौर्य - स्वयं सहायता समूह के जरिए महिलाओं को टेक होम राशन से जोड़ा, ऊर्जा पाउडर का निर्माण।
हरिद्वार
9. पुष्पांजलि अग्रवाल - दहेज निषेध, कन्या भ्रूण हत्या आदि के खिलाफ अभियान।
हल्द्वानी
10. मालविका माया उपाध्याय - लोक संगीत और कला क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन, करीब दो हजार लोकगीतों को आवाज दी।
नैनीताल
11. कंचन भंडारी - कठिन परिस्थितियों में काम करने वाली महिलाओं और उनके बच्चों को सहारा दिया, कोविड काल में मास्क, सेनेटरी नेपकिन आदि दिए।
पिथौरागढ़
12. शीतल राज - माउंट एवरेस्ट विजेता, प्रदेश की सबसे कम उम्र में यह मुकाम हासिल किया।
13. सुमन वर्मा - बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान में बेहतर काम।
पौड़ी
14. मधु खुगसाल - पलायन, बाल विवाह आदि की रोकथाम के लिए उल्लेखनीय कार्य।
टिहरी
15. कीर्ति कुमारी - महिला पोषण, सशक्तीकरण में काम किया।
रुद्रप्रयाग
16. बबीता रावत - बंजर जमीन को मॉडल बनाकर एक मॉडल तैयार किया।
17. सुमति थपलियाल - पल्स पोलियो, स्वच्छता अभियान में बेहतर कार्य।
ऊधमसिंह नगर
18. ज्योति उप्रेती अरोरा - बाल विवाह रोकने के लिए मुहिम छेड़ी। कोविड काल मे मास्क वितरण का काम किया।
19. मीनू लता गुप्ता - सरकारी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की ड्रेस, किताब आदि के जरिये मदद की।
20. चंद्र कला राय - राइजिंग फाउंडेशन के सहयोग से कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम का काम किया।
उत्तरकाशी
21. हर्षा रावत - पर्वतारोहण के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम
सम्मानित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
नीता गोस्वामी, गीता देवी, पुष्पा हरड़िया, हेमा बोरा, अंजना रावत, हयात रावत, सुधा, सीमा पूनम, आसमा, सुमन लता यादव, गंगा बिष्ट, कुमारी समारोज, निर्मला पांडे, चंद्रकला चंद्र, अर्चना देवी, रोशनी, सुशीला देवी, लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, कुसुम मेहर, बीना चौहान।