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उत्तराखंड में अब रोडवेज की बस बनेंगी 'डाकिया'
महेश्वर प्रसाद सिंह/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 15 Jun 2016 10:30 AM IST
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courier service
- फोटो : concept photo
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सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द आप उत्तराखंड रोडवेज की बसों से कोरियर भेज सकेंगे। इसके लिए परिवहन निगम ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। निगम प्रबंधन ने चालक परिचालकों के लिफाफे ले जाने की शिकायतों के आधार पर यह प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
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देहरादून आईएसबीटी से उत्तराखंड निगम की बसें कई प्रदेशों में रोजाना सेवाएं देती हैं। बसों के चालक और परिचालकों ने पिछले कुछ साल से डाकिये का काम शुरू कर दिया है। इन्होंने अपने-अपने ग्राहक भी सेट कर लिए हैं। सौ-पचास रुपये लेकर ग्राहक का लिफाफा कुछ घंटे में दूसरे तक पहुंचा देते हैं।
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यह काम रोजाना का है और इससे निगम के चालक-परिचालकों की रोजाना हजारों की कमाई होती है। जबकि यह पैसा निगम के खाते में नहीं जाता है। इस तरह की शिकायतें निगम प्रबंधन को पिछले कई माह से मिल रही है। जिसके बाद निगम ने खुद कोरियर सेवा की व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। बहुत जल्द इस पर मुहर लग सकती है। निगम प्रबंधन का मानना है कि इससे निगम को अतिरिक्त आमदनी होगा।
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देहरादून-नैनीताल रूट पर ज्यादा है कमाई
चालक-परिचालकों की सबसे ज्यादा कमाई देहरादून-नैनीताल रूट पर है। देहरादून से निगम की बसें रोजाना नैनीताल जाती हैं। हाईकोर्ट होने के कारण अधिवक्ताओं को रोजाना कुछ न कुछ फाइलें नैनीताल भेजनी होती हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के लिए यह बेहतर सेवा है। ठीक ऐसे ही दून-दिल्ली रूट पर यह सेवा काफी प्रचलित है।
चालक-परिचालक इस तरह के पर्शनल काम करते हैं। लिफाफे से इनकी क्या कमाई होती है इस बारे में जानकारी नहीं है। निगम कोरियर सेवा का प्रस्ताव तैयार है। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। प्राइवेट पार्टी से भी संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। इससे निगम को अलग से फायदा होगा।
- दीपक जैन, जीएम