रोडवेज एक बार फिर देगा जनता को जोर का झटका
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उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में सफर महंगा हो सकता है। परिवहन निगम मुख्यालय ने बसों के किराया में पांच से लेकर 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
प्रबंध निदेशक बीके संत ने बताया कि कई राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड परिवहन निगम बेहद कम किराया ले रहा है। दूसरी ओर, सरकारी योजनाओं के तहत दिव्यांगों, छात्र-छात्राओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किराये में रियायत भी दी जा रही है।
हालांकि सरकार की ओर से इसकी भरपाई की जाती है, लेकिन इसके बावजूद निगम की वित्तीय स्थिति साल दर साल कमजोर हो रही है। निगम को बसों के स्पेयर पार्ट्स और डीजल, सेवानिवृत्त कार्मिकों की ग्रेच्युटी और एरियर मद में 52.78 करोड़ का भुगतान करना है।
परिवहन निगम पर करोड़ों की देनदारी है। दूसरी ओर तेल कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में यदि परिवहन निगम को कर्ज से उबारना है तो किराया बढ़ाया जाना लाजिमी है। बहरहाल प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। अब शासन पर निर्भर करता है कि किराए में कितने फीसदी की वृद्धि की जाती है।
रोडवेज को मिला चारधाम यात्रा का ‘प्रसाद’
परिवहन निगम घाटे में चल रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री तक ने समीक्षा मीटिंग में चिंता व्यक्त की थी। बहरहाल, रोडवेज के लिए ‘अच्छे दिन’ चल रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से 15 जून तक 14 लाख 65 हजार से ज्यादा भक्त पहुंच चुके हैं, जबकि 2016 में पूरी चारधाम यात्रा(अक्तूबर तक चलती है) में 14 लाख 12 हजार तक पहुंचे थे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में सैलानी भी पहाड़ में घूमने के लिए उमड़े। इसका लाभ परिवहन निगम को मिला है। रोडवेज प्रबंध निदेशक बीके संत कहते हैं कि एक अप्रैल से 19 जून 2016 की अवधि में रोडवेज को 120.68 करोड़ की आय हुई थी, जो इस साल 138.68 करोड़ पर पहुंच गई है।
पिछले साल की तुलना में 18 करोड़ के राजस्व की वृद्धि हुई है। इसका एक कारण कर्मियों की मेहनत और सहयोग भी रहा है, जिसके कारण यह लक्ष्य हासिल हो सका है। रोडवेज की सेवाओं में और सुधार और नई तकनीकी से जोड़ने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।