फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand received the lowest rainfall in August after ten years read more updates

Uttarakhand Rainfall: 10 साल बाद अगस्त में सबसे कम बारिश, सामान्य से आठ फीसदी कम बरसे मेघ, जानें क्या है वजह

Fri, 01 Sep 2023 11:46 AM IST
रेनू सकलानी करन सिंह दयाल, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
करन सिंह दयाल, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 01 Sep 2023 11:46 AM IST
सार

प्रदेश के कुछ जिलों में जमकर बारिश हुई। जबकि, कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी कम होने के साथ बारिश ज्यादा हुई है।

विज्ञापन
Uttarakhand received the lowest rainfall in August after ten years read more updates
बारिश (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में दस साल बाद अगस्त में सबसे कम बारिश हुई। महीनेभर में राज्य में बारिश का आंकड़ा सामान्य से आठ फीसदी कम रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है, बंगाल की खाड़ी में स्ट्रॉन्ग सिस्टम नहीं बना। इसके चलते राज्य में कम बारिश हुई।

विज्ञापन

इस साल मानसून ने पांच दिन की देरी से उत्तराखंड में दस्तक दी थी। हालांकि, प्रदेश के कुछ जिलों में जमकर बारिश हुई। जबकि, कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी कम होने के साथ बारिश ज्यादा हुई है। इस साल अगस्त में 353.9 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से आठ फीसदी कम है।

विज्ञापन

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, अगस्त में बारिश कम होने का कारण अलनीनो का सक्रिय होना भी बताया जा रहा है। जब-जब अलनीनो सक्रिय होता है, तब-तब भारत में मानसून कमजोर पड़ जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

साल 2013 में अगस्त में हुई थी रिकॉर्ड बारिश

उत्तराखंड में साल 2013 में अगस्त में रिकॉर्ड बारिश हुई थी। इसी साल केदारनाथ धाम में आपदा भी आई थी। 2013 में अगस्त में 806.2 एमएम बारिश हुई थी। हालांकि, साल 1885 में ऑल टाइम रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई थी। इस वर्ष 1637.8 एमएम बारिश हुई थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है, दो मौसम प्रणालियों के मिलन के चलते साल 2013 में रिकॉर्ड बारिश हुई थी। इस साल भी 11 जुलाई को दो मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसून हवा के मिलन से अधिक बारिश हुई।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: आज से पर्यटकों के लिए खुलेंगे कैंप, सात तक बुकिंग फुल, भारी बारिश के चलते प्रशासन ने कराए थे बंद

दून की बारिश ने दो बार तोड़ा 72 सालों का रिकॉर्ड

इस साल 13-14 अगस्त को राजधानी दून के सहस्त्रधारा में हुई बारिश ने दो बार 72 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा। सहस्त्रधारा में 251 एमएम बारिश हुई थी। इसके चलते इस साल भी मालदेवता में आपदा जैसे हालात बने। इससे पहले नौ अगस्त को भी सहस्त्रधारा में इतनी ही बारिश दर्ज की गई थी। जबकि, इससे पहले साल 1952 में 22 अगस्त को 332.2 एमएम बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड भी है।

दस सालों में अगस्त में हुई बारिश

साल             बारिश

2013             806.2 एमएम

2014             727.7 एमएम

2015             654.2 एमएम

2016             412.9 एमएम

2017             543.5 एमएम

2018             958.1 एमएम

2019             395.6 एमएम

2020             619.6 एमएम

2021             479.7 एमएम

2022             498.1 एमएम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed