उत्तराखंड: गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू, एक जनवरी से लागू होगी कैशलेस इलाज की सुविधा
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उत्तराखंड में तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई है। पहले दिन करीब 500 कार्मिकों के कार्ड बनाए गए। एक जनवरी 2021 से कैशलेस इलाज की सुविधा लागू हो जाएगी। हरिद्वार जिले में विकास भवन व जिला कार्यालय में कोरोना संक्रमित मामले पाए जाने के कारण गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य बाधित रहा। जबकि उत्तरकाशी जिले में टीम के देरी से पहुंचने से कार्ड बनाने का कार्य विलंब से शुरू हुआ।
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने कहा कि एक जनवरी 2021 से कर्मचारियों, पेंशनरों व उनके आश्रितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा लागू हो जाएगी। इससे पहले सभी कार्मिकों, पेंशनरों व आश्रितों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। उन्होंने सभी विभागों को आदेश दिए कि आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) के माध्यम से सभी कर्मचारियों का डाटा आईएफएमएस पोर्टल पर सत्यापित करें।
जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि गोल्डन कार्ड बनाने के लिए चयनित एजेंसी के लिए इंटरनेट, फर्नीचर, बिजली व स्थान की व्यवस्था की जाए। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अपर सचिव अरुणेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार को पहले दिन करीब 500 कार्ड बने हैं, इनमें से 325 कार्ड जारी भी कर दिए गए हैं।
सार्वजनिक निगमों के कर्मियों को मिले आयुष्मान का लाभ
राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने सार्वजनिक निगमों के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सचिव मुख्यमंत्री अमित नेगी से वार्ता की। उन्होंने उनके सामने चार प्रमुख मांगें रखीं, जिस पर सचिव ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
बुधवार को राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गोसाईं और महासचिव बीएस रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नेगी से वार्ता की। उन्होंने मांग की कि राज्य कर्मचारियों की भांति सार्वजनिक निगमों के कर्मचारियों को भी आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाए, जिसमें सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों (जो पेंशन विहीन हैं) को भी शामिल किया जाए।
सार्वजनिक निगमों के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की भांति मकान किराया भत्ता व अन्य भत्ते दिए जाएं। परिवहन निगम व पेयजल निगम में समय से वेतन दिए जाने की व्यवस्थाकी जाए।
गढ़वाल मंडल विकास निगम में महंगाई भत्ता पांचवें वेतनमान के बजाए अन्य निगमों की भांति दिया जाए। सचिव अमित नेगी ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते समस्याओं के समाधान में विलंब हो रहा है, जल्द ही सभी मांगों पर कार्यवाही की जाएगी।