यहां बीस वर्षों से बीएसएनएल की कर्जदार है पुलिस, लाखों में है बकाया बिल
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एक के बाद दूसरा और अब तीसरा भी पूर्ण कुंभ आने को है और पुलिस प्रशासन ने भारत संचार निगम लिमिटेड का चार लाख चालीस हजार रुपये का बिल का भुगतान नहीं किया। डीआईजी कुंभ मेला प्रशासन पर बीएसएनएल का वर्ष 1998 और वर्ष 2010 के कुंभ का 4 लाख 39 हजार 742 रुपये बकाया है।
कुंभ मेले के दौरान संचार व्यवस्था चाक चौबंद बनाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से बीएसएनएल से फोन सेवाएं ली जाती हैं। इन फोन को कुंभ क्षेत्र के विभिन्न थाना, कंट्रोल रूप और खुफिया यूनिट आदि में रखा जाता है। बीएसएनएल डीआईजी कुंभ मेला के नाम पर फोन नंबर जारी करता है और बिल भी डीआईजी के नाम ही जारी किया जाता है।
चार लैंडलाइन नंबरों के 2 लाख 46 हजार 154 रुपये का भुगतान नहीं
बीस वर्ष पूर्व 1998 के कुंभ के दौरान भी डीआईजी कुंभ मेला द्वारा बीएसएनएल से फोन सेवाएं ली गई थीं, लेकिन अभी तक चार लैंडलाइन नंबरों का 2 लाख 46 हजार 154 रुपये भुगतान नहीं किया है।
जबकि कुंभ 2010 में भी बीएसएनएल से लिए गए 26 लैंडलाइन नंबरों का 1 लाख 93 हजार 588 रुपये अभी तक बकाया है। अब कुंभ 2021 की तैयारी भी शासन और प्रशासन स्तर पर शुरू कर चुका है और पुलिस प्रशासन पिछला ही भुगतान नहीं कर पाया है।
इस बार सेवा नहीं देगा बीएसएनएल
बीस वर्षों से बीएसएनएल को भुगतान न किए जाने के कारण इस बार कुंभ में बीएसएनएल सेवाएं देने के मूड में नहीं है। वर्ष 2016 के अर्द्धकुंभ में भी बीएसएनएल ने एडवांस में ही पैसा लेने के बाद ही सेवाएं दी थीं। सूत्रों की माने तो कुंभ-2021 तक यदि बीएसएनएल को भुगतान नहीं किया जाता तो बीएसएनएल सेवाएं प्रदान नहीं करेगा।
सभी ग्राहकों से बीएसएनएल के बकाया की रिकवरी की जा रही है। डीआईजी कुंभ मेला से भी भुगतान लेने का कार्य गतिमान है। रिमाइंडर डाला गया था, लेकिन उसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ।
- एके गुप्ता, प्रधान महाप्रबंधक, बीएसएनएल, हरिद्वार