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कांवड़ मेले में सौहार्द बिगाड़ सकते है अराजक तत्व, पुलिस अलर्ट

Fri, 01 Jul 2016 09:57 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 01 Jul 2016 09:57 AM IST
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uttarakhand police alert for kanwar yatra
एमए गणपति - फोटो : AmarUjala

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अराजक तत्व कांवड़ मेले के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं।

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कांवड़ मेले के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने बृहस्पतिवार को देहरादून में हुई अंतर्राज्यीय बैठक में यह आशंका जताई।
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बैठक में दून-दिल्ली हाईवे पर वन-वे ट्रैफिक लागू करने, डीजे और लाठी-डंडों पर सख्ती से रोक लगाने पर सहमति बनी। इस संबंध में दूसरे चरण की बैठक 11 जुलाई को मेरठ और अंतिम बैठक हरिद्वार में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। 
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बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में यूके के डीजीपी एमए गणपति ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने को पड़ोसी राज्यों की पुलिस में समन्वय जरूरी है। मेले में आने वाले जन सैलाब को सुरक्षित निकालना बड़ी चुनौती है।

ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त प्रशिक्षित पुलिस बल नियुक्त करने की जरूरत है। निकट भविष्य में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कुछ शरारती तत्व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं।

यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने कांवड़ियों की सुरक्षा और बरती जाने वाली सतर्कता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि मिश्रित आबादी होने से यूपी पुलिस के सामने चुनौती ज्यादा है।

डीजे लगाने, लाठी डंडे लेकर चलने पर प्रतिबंध

uttarakhand police alert for kanwar yatra
police - फोटो : Bureau

गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल और हरिद्वार के एसएसपी राजीव स्वरूप ने कांवड़ मेले के दौरान पुलिस व्यवस्थाओं, यातायात संचालन के अलावा डीजे लगाने, लाठी डंडे लेकर चलने पर प्रतिबंध और पार्किंग व्यवस्थाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।

आईजी गुंज्याल ने बताया कि 1985 से 90 के बीच कांवड़ियों का आंकड़ा 15 से 20 लाख होता था, जो अब बढ़कर दो करोड़ पहुंच गया है। आईजी कानून व्यवस्था दीपम सेठ ने ईनामी और वांछित अपराधियों पर प्रस्तुतीकरण दिया। एक दूसरे के सक्रिय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पड़ोसी राज्य के अधिक ारियों में सहमति बनी। संचालक आईजी एपी अंशुमन ने किया। 

नशे के बढ़ते कारोबार पर जताई चिंता
डीजीपी एमए गणपति ने उत्तराखंड और खासतौर से देहरादून में बढ़ रहे नशे के व्यापार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं राज्य नशे की तस्करी में आपस में जुडे़ है। लिहाजा नशाखोरी पर नियंत्रण के लिए आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान जरूरी है। 

सीमाओं की गतिविधियों पर चर्चा
बैठक में नेपाल और चीन सीमाओं पर गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के मध्य सूचनाओं के आदान-प्रदान चोर रास्तों, वाहनों चेकिंग और महत्वपूर्ण पुलों आदि की सुरक्षा पर चर्चा हुई। आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारियों ने जाली नोटों के अलावा तस्करी की रोकथाम के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी दी।

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