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Uttarakhand: पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी को मिला इंसा का विशिष्ट फेलो सम्मान, एक जनवरी से होगा प्रभावी
Thu, 11 Sep 2025 11:18 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 11 Sep 2025 11:18 PM IST
सार
डॉ. जोशी पिछले चार दशकों से ग्रामीण विकास, पारिस्थितिकी संरक्षण, जल प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और समाज-आधारित विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें माउंटेन मैन और अशोका फेलो के रूप में भी जाना जाता है।
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डॉ. अनिल प्रकाश जोशी
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हिमालय पुत्र हेस्को प्रमुख पद्मश्री व पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी को भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (इंसा) के विशिष्ट फेलो से सम्मानित किया गया। यह सम्मान एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।
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अकादमी हर साल देश भर से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों का चयन करती है। डॉ. जोशी पिछले चार दशकों से ग्रामीण विकास, पारिस्थितिकी संरक्षण, जल प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और समाज-आधारित विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें माउंटेन मैन और अशोका फेलो के रूप में भी जाना जाता है। वे भारत सरकार की ओर से पद्मश्री और पद्मभूषण से भी नवाजे गए हैं। इंसा 1935 से गठित विज्ञानी संगठन है, जिसे भारत सरकार ने 1968 में मान्यता दी। भारत सरकार के सभी वैज्ञानिक मुद्दों में इंसा की भागीदारी रहती है।
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इस वर्ष डॉ. जोशी के अलावा रिलायंस इंडस्ट्री के मुकेश अंबानी, आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम, टाटा सन् के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन, विज्ञान एवं तकनीक के सचिव प्रो. अभय करंदीकर, परमाणु ऊर्जा विभागों के सचिव प्रो. अजय मोहंती, गोदरेज के प्रबंध निदेशक नादिर गोदरेज आदि विशिष्ट जनों को उनके देश में किए गए योगदानों के लिए सम्मानित किया। इस कड़ी में डॉ. जोशी को देश में पर्यावरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अकादमी की फेलोशिप देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी जगत का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह न केवल व्यक्ति के कार्य की मान्यता है, बल्कि देश के वैज्ञानिक और औद्योगिक विकास में उनके योगदान की सराहना भी है।