उत्तराखंड: विकास प्राधिकरणों में लागू होगा ऑनलाइन मैप अप्रूवल सिस्टम, राज्य स्थापना दिवस से हो सकती है शुरूआत
- नवंबर में राज्य स्थापना दिवस के मौके पर शुरुआत होने की संभावना
- सिस्टम का ट्रायल और कर्मचारियों की दी जा रही ऑनलाइन ट्रेनिंग
विस्तार
उत्तराखंड के सभी विकास प्राधिकरणों में अगले माह से ऑनलाइन मैप अप्रूवल सिस्टम शुरू हो सकता है। फिलहाल सिस्टम का ट्रायल और कर्मचारियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग का काम चल रहा है। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर इसकी शुरुआत होने की संभावना है।
उत्तराखंड नगरीय आवास एवं विकास प्राधिकरण (उडा) की देखरेख में सिस्टम को फाइनल करने का काम चल रहा है। इसके तहत सभी विकास प्राधिकरण में ऑनलाइन नक्शे जमा हो सकेंगे। नक्शा डालते ही सिस्टम बता देगा कि वह बायलॉज के मानकों के अनुसार है या नहीं। अगर नक्शा बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप होगा तो उसे अप्रूवल के लिए आगे भेज दिया जाएगा।
बायलॉज के अनुसार न होने पर वह तुरंत ही आपत्ति के साथ रिजेक्ट हो जाएगा। इसके अलावा लोग नक्शा पास कराने की फीस भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। बिल्डिंग बायलॉज के साथ ही समय-समय पर जारी होने वाले शासनादेशों को भी ऑनलाइन सिस्टम में शामिल किया जा रहा है, ताकि एक बार नक्शा जमा कराने के बाद आवेदक को दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें।
उड़ा के मुख्य प्रशासक शैलेश बगोली ने बताया कि सभी विकास प्राधिकरण में कर्मचारियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई है। अभी सिस्टम को ट्रायल के तौर पर ऑनलाइन किया जाएगा, जो फिलहाल केवल उस पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगा। सब कुछ ठीक होने पर उसे पब्लिक डोमेन पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
उड़ा का बोर्ड दे चुका मंजूरी
प्रदेश के सभी जिला विकास प्राधिकरण में ऑनलाइन मैप अप्रूवल सिस्टम लागू करने के प्रस्ताव को उडा का बोर्ड पहले ही मंजूरी दे चुका है। एमडीडीए, एचआरडीए जैसे कुछ प्राधिकरण में पहले से ही ऑनलाइन मैप अप्रूवल सिस्टम काम कर रहा है। जबकि पहाड़ के ज्यादातर विकास प्राधिकरण में यह पहली बार लागू हो रहा है।
ऑनलाइन मैप अप्रूवल सिस्टम से लोगों को नक्शा पास कराने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सिस्टम में फाइलों को ट्रैक करना भी आसान होगा, जिससे किसी भी फाइल को अनावश्यक रोका नहीं जा सकेगा। इससे काम में भी तेजी आएगी और लोगों को भी राहत मिलेगी।
- शैलेश बगोली, मुख्य प्रशासक, उड़ा