फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand officer will learn gujrat model

'गुजरात मॉडल' को फॉलो करेगा उत्तराखंड, अफसर लेंगे क्लास

Wed, 02 Nov 2016 11:32 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 02 Nov 2016 11:32 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand officer will learn gujrat model
office - फोटो : demo pic

आंकड़ों के ‘गुजरात माडल’ को सीखने के लिए उत्तराखंड के नियोजन विभाग के अधिकारी गुजरात जा रहे हैं। वे वहां उसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगे। इसके बाद वे शासन को रिपोर्ट देंगे कि अपने प्रदेश की स्थितियों के अनुरूप किस तरह ऐसा ही माडल तैयार किया जाए।

विज्ञापन


गुजरात की इस एकीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (आईएमआईएस) के जरिए राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से संबंधित आंकड़े एक ही क्लिक में देखे जा सकते हैं। खास बात यह है कि इस डाटा के साथ-साथ उनका विश्लेषण भी मौजूद रहता है। इस जानकारी को आम आदमी भी देख सकते हैं।
विज्ञापन


दरअसल पिछले दिनों नई दिल्ली में नीति आयोग ने बैठक बुलाई थी। यह बैठक प्रदेशों में अगले 30 सालों में विकास के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाने को लेकर थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे बेहतर है आंकड़ों का 'गुजरात मॉडल'

uttarakhand officer will learn gujrat model
ऑफिस - फोटो : demo pics

विजन डॉक्यूमेंट बनाने के लिए आंकड़ों की सटीक उपलब्धता होना अत्यंत आवश्यक है। इसी को लेकर राज्यों से आए अधिकारियों ने अपने- अपने प्रदेश में मौजूद व्यवस्था के बारे में जानकारी दी थी। इसमें सबसे ज्यादा बेहतर गुजरात और आंध्र प्रदेश के माडल को माना गया था। इस पर नीति आयोग ने अन्य राज्यों को सुझाव दिया था कि वे भी अपने राज्यों के लिए इस माडल का अध्ययन करें।

इससे उनको अपना विजन डॉक्यूमेंट बनाने में आसानी रहेगी। इसी के मद्देनजर प्रदेश के नियोजन विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारी गुजरात जा रहे हैं। वे तीन से पांच नवंबर तक वहां रहकर इस संबंध में अध्ययन करेंगे।

ये है गुजरात मॉडल की खासियत

uttarakhand officer will learn gujrat model
गुजरात माडल की विशेषता यह है कि इसमें आंकड़ों की अद्यतन जानकारी मौजूद रहती है। इसके साथ-साथ आवश्यक विश्लेषण भी इसमें रहता है। दरअसल वहां हर विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि वे साप्ताहिक, अर्द्धमासिक व मासिक आधार पर संबंधित पोर्टल को अपडेट करें।

इसके लिए हर विभाग को आवश्यक अधिकार व पासवर्ड दिए गए हैं। इसमें यहां तक जानकारी दर्ज रहती है कि बीते सप्ताह किस विभाग ने कहां और कितनी सड़क बनाई है।

इसके विश्लेषण में उसकी लागत, मोटाई, चौड़ाई के अलावा इस्तेमाल की गई सामग्री का विवरण, ठेकेदार, इंजीनियर आदि के साथ-साथ अन्य जानकारियां भी रहती हैं। इससे आम आदमी भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed