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Uttarakhand: अब महंगी बिजली की कीमत हर महीने चुकाएंगे उपभोक्ता, लागू होने जा रही नई व्यवस्था

Thu, 20 Apr 2023 05:00 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 20 Apr 2023 05:00 AM IST
सार

अभी तक यूपीसीएल सालभर में उपभोक्ताओं से केवल थर्मल प्लांट की बिजली में होने वाले अतिरिक्त खर्च को फ्यूल चार्ज एडजस्टमेंट (एफसीए) के तौर पर वसूलता था। यह राशि हर तिमाही वसूली जाती थी, जिसे माहवार करने के लिए पूर्व में एक याचिका यूपीसीएल ने दायर की थी।

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Uttarakhand: Now consumers will pay cost of expensive electricity every month new system will be implemented
रुपये(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : i stock

विस्तार

अब यूपीसीएल बाजार से जितनी महंगी बिजली खरीदेगा, उसकी भरपाई हर महीने उपभोक्ता के बिल से करेगा। यूपीसीएल ने इस संबंध में एक याचिका उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में दायर की है, जिस पर आयोग ने नौ मई को जनसुनवाई की तिथि तय की है। इससे पहले यूपीसीएल फ्यूल चार्ज एडजस्टमेंट की भरपाई हर तीन माह के बजाय हर माह करने की याचिका दायर कर चुका है, जिस पर आयोग ने 30 अप्रैल तक सुझाव-आपत्तियां मांगे हुए हैं।

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दरअसल, अभी तक यूपीसीएल सालभर में उपभोक्ताओं से केवल थर्मल प्लांट की बिजली में होने वाले अतिरिक्त खर्च को फ्यूल चार्ज एडजस्टमेंट (एफसीए) के तौर पर वसूलता था। यह राशि हर तिमाही वसूली जाती थी, जिसे माहवार करने के लिए पूर्व में एक याचिका यूपीसीएल ने दायर की थी।
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अब जो नई याचिका दायर की गई है, वह फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट (एफपीपीए) के लिए है। इसमें केंद्र सरकार के आदेश का हवाला देते हुए मांग की है कि बाजार की महंगी बिजली के हिसाब से उन्हें उपभोक्ताओं के बिल से माहवार वसूली की अनुमति दी जाए।

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ऐसे बढ़ेगा बिजली का बिल

अभी तक नियामक आयोग की ओर से एक अप्रैल को जारी दरों के हिसाब से बिजली बिल आता है। अब नियामक आयोग यूपीसीएल के लिए बाजार से बिजली खरीद की एक दर तय कर देगा। इसके बाद भारी मांग के चलते अगर यूपीसीएल बाजार से उस दर से अधिक पर बिजली खरीदेगा तो बढ़ी हुई राशि उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़ दी जाएगी। यानी अगर नियामक आयोग ने बाजार से बिजली खरीद दर सात रुपये प्रति यूनिट तय की है। यूपीसीएल मजबूरी में बाजार से 12 रुपये प्रति यूनिट की दर पर खरीद रहा है तो पांच रुपये प्रति यूनिट की वसूली उपभोक्ताओं से माहवार आने वाले बिल में की जाएगी।

अप्रैल में ज्यादा नहीं बढ़ेंगी दरें

इस याचिका पर आदेश आने के बाद हर साल नियामक आयोग की बिजली दरें इतनी अधिक नहीं बढ़ेंगी, क्योंकि राज्य में यूपीसीएल को एक बड़ी रकम केवल बिजली खरीद पर खर्च करनी पड़ती है। लिहाजा, जब सालभर में बिजली खरीद की बढ़ी दरें वसूली जाएंगी तो अप्रैल में यूपीसीएल के लिए नियामक आयोग दरों में अपेक्षाकृत काफी कम इजाफा करेगा।

दो माह में लेना है आयोग को फैसला

केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से एक अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि विद्युत वितरण कंपनियों को फ्यूल चार्ज एडजस्टमेंट के अलावा बिजली खरीद पर होने वाले अतिरिक्त खर्च को वसूलने के लिए दो माह में फैसला लेना है। अगर दो माह में फैसला न लिया गया तो राज्य में केंद्र सरकार की नियमावली स्वत: लागू हो जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस याचिका के बहाने राज्य की नियमावली बनेगी।

नौ मई को आयोग दफ्तर में जनसुनवाई

नियामक आयोग के सचिव नीरज सती की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, यूपीसीएल ने यूईआरसी (टर्म्स एंड कंडीशन फॉर डिटरमिनेशन ऑफ मल्टी ईयर टैरिफ) रेगुलेशन 2021 में बदलाव के तहत जो याचिका दायर की है, उसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। उपभोक्ता याचिका को पढ़कर इस पर अपने सुझाव आठ मई तक नियामक आयोग के सचिव के पास भेज सकते हैं। इसके बाद नौ मई को इस मामले में नियामक आयोग के कार्यालय में जनसुनवाई होगी।

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