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निकाय चुनाव: 15 जुलाई से पहले होंगे चुनाव, श्रीनगर में महिला, बाजपुर में सामान्य होगी अध्यक्ष की सीट
Wed, 05 Jun 2019 08:08 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 05 Jun 2019 08:08 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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न्याय विभाग से सलाह के बाद सरकार ने श्रीनगर को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव पर हाथ खींच लिए हैं। अब वहां बाजपुर नगर निकाय के साथ ही 15 जुलाई से पहले चुनाव कराए जाएंगे। श्रीनगर में अध्यक्ष का पद महिला आरक्षित होगा, जबकि बाजपुर में इसे सामान्य रखा गया है। चुनाव को लेकर असमंजस से उबरते हुए सरकार ने मंगलवार को दोनों निकायों के अध्यक्ष पदों पर आरक्षण तय कर दिया। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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सात दिनों में इस आरक्षण पर आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसके बाद, निर्णायक अधिसूचना जारी की जाएगी। बाजपुर में वार्डों का आरक्षण पहले ही तय किया जा चुका है। चुनाव की तैयारियों को तेज करते हुए शहरी विकास विभाग ने मंगलवार को ही श्रीनगर के वार्डों का आरक्षण भी तय कर दिया है। इस पर आपत्तियों की सुनवाई पौड़ी के डीएम करेंगे।
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नहीं टिक पाया श्रीनगर नगर निगम का प्रस्ताव
राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने सरकार को श्रीनगर नगर निगम बनाने का प्रस्ताव दिया था। सरकार इस पर सहमत नजर आई, लेकिन उसके सामने हाईकोर्ट की डबल बेंच का वो फैसला भी था, जिसमें बाजपुर के साथ ही श्रीनगर में भी 15 जुलाई 2019 से पहले चुनाव कराने के आदेश दिए गए हैं। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इस मामले में सोमवार को अफसरों के साथ बैठक की थी। न्याय विभाग को मंगलवार सुबह तक इस संबंध में अपनी राय से अवगत कराने के लिए कहा गया था। न्याय विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद तय समय से पहले चुनाव कराने की राय दी है। इसे सरकार ने मान लिया है।
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तीन निकायों के चुनाव फिर भी रह जाएंगे शेष
दोनों जगह चुनाव हो जाने के बावजूद रुड़की नगर निगम व सेलाकुई और भतरौंजखान नगर पंचायत के चुनाव शेष रह जाएंगे। इन तीनों निकायों का मामला किसी न किसी रूप में कानूनी दांव पेंच में उलझा हुआ है। प्रदेश में 92 निकाय हैं। इनमें से 84 में पिछले वर्ष चुनाव कराए जा चुके हैं। बता दें कि बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री निकायों में चुनाव नहीं कराए जाते हैं।
आयोग देगा कार्यक्रम, सरकार लगाएगी मुहर
आरक्षण पर सुनवाई का क्रम एक सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद, चुनाव से पूर्व सरकार के स्तर पर होने वाली सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और सारा काम राज्य निर्वाचन आयोग के हिस्से में शेष रह जाएगा। जो व्यवस्था है, उसके अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम तैयार करता है और इसे सरकार को भेजता है। सरकार की मुहर लग जाने के बाद आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी कर देगा।
सरकार ने श्रीनगर और बाजपुर नगर निकायों में हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जल्द चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। हम पर्वतीय क्षेत्र में श्रीनगर को पहला नगर निगम बनाने की संभावना पर काम कर रहे थे, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह संभव नहीं है। इसलिए दोनों जगह चुनाव कराए जाएंगे।
-मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री, उत्तराखंड।