निकाय चुनाव : इस जिले में एक भी सीट न मिलने पर बीजेपी में सियासी भूचाल, जिलाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
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उत्तराखंड में निकाय चुनाव के परिणाम सामने आते ही भाजपा में अंदरूनी असंतोष उभर तक सामने आ गया है। जिले में एक भी सीट हासिल न करने पर भाजपा जिलाध्यक्ष रामदत्त जोशी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
जोशी ने हार का कारण अधिकतर सीटों पर प्रत्याशी चयन में खामी और भितरघात बताया है। उन्होंने चुनाव में भितरघात करने वालों की सूची भी आलाकमान को भेजी है। जिले के चारों निकायों में से इस बार भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाई।
चंपावत नगर पालिका तक की सीट को कांग्रेस ने उससे छीन लिया। टनकपुर नगर पालिका और लोहाघाट तथा बनबसा नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर वह दूसरे नंबर पर रही। 2017 में जिलाध्यक्ष बने रामदत्त जोशी ने इस्तीफे का पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भेजा है।
भाजपा ने इस बार लोहाघाट नगर पंचायत को छोड़ शेष तीन नगर निकायों में नए चेहरों को मैदान में उतारा था। इन नए चेहरों में चंपावत और बनबसा के प्रत्याशी डेढ़ साल पूर्व ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे।
पार्टी के एक वर्ग में इसे लेकर भी नाराजगी थी। ऐसे मे प्रत्याशी चयन पर सवाल उठा था। इसी से भितरघात की राह भी बनी। लोहाघाट और टनकपुर के दो नेताओं ने नगर निकाय में टिकट नहीं मिलने पर इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा और मैदान मारा।