फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand news: Woman Give Birth to child on Road in Haldwani

कब सुधरेंगे हालात: फिसलन भरी सड़क पर तीन घंटे चले ग्रामीण, बारिश में भीगती रही गर्भवती, सड़क पर हुआ प्रसव

Thu, 28 Jul 2022 12:28 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी
संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 28 Jul 2022 12:28 PM IST
सार

ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता फिसलन भरा होने की वजह से चलना दुश्वार हो रहा था जिस वजह से गर्भवती को ले जाना बहुत मुश्किल साबित हो रहा था। कई बार संतुलन बनाना मुश्किल हो गया।

विज्ञापन
Uttarakhand news: Woman Give Birth to child on Road in Haldwani
महिला ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

एक तरफ देश जहां आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं कई ग्राम सभाएं आज भी सड़क, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं से वंचित हैं। ग्राम सभा बल्यूटी के तोक मोरा में बुधवार को गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने पर प्रसूता को पांच किमी कुर्सी पर बैठाकर लाए लेकिन सड़क पर प्रसव हो गया। 

विज्ञापन


भुजियाघाट के करीब बसे तोक मोरा गांव की दीपा जीना को प्रसव पीड़ा हुई। गांव से नैनीताल हाईवे पांच किमी दूर है। सड़क न होने की वजह से दीपा के परिजन और ग्रामीण उसे कुर्सी पर बैठाकर सड़क की ओर लाने लगे। इस दौरान मूसलाधार बारिश हो रही थी।
विज्ञापन


Uttarakhand: शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए चलेगा जागरूकता अभियान, गर्भवती महिलाओं को प्रेरित करेंगी आशाएं
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता फिसलन भरा होने की वजह से चलना दुश्वार हो रहा था जिस वजह से गर्भवती को ले जाना बहुत मुश्किल साबित हो रहा था। कई बार संतुलन बनाना मुश्किल हो गया। रास्ते में उनके पैरों पर जोंक चिपक रहीं थीं। भारी बारिश में दीपा भी भीगती रही। किसी तरह तीन घंटे तक चलने के बाद भुजियाघाट से दस मीटर पहले प्रसव पीड़ा बढ़ गई और अपराह्न तीन बजे महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। तभी वहां 108 एंबुलेंस पहुंच गई। महिला और बच्चे को एंबुलेंस से तुरंत महिला अस्पताल ले जाया गया। 

तुरंत दौड़े स्थानीय लोग
भुजियाघाट चौराहे के पास प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया तो इसकी सूचना वहां मौजूद लोगों को लग गई। तुरंत ही लोग मदद के लिए दौड़े। राहत की बात यह है कि तभी वहां एंबुलेंस पहुंच गई जिस वजह से कुछ राहत मिल गई।  

इस मामले में मेरी आशा से बात हुई है। उसने बताया कि गांव से आधा रास्ता चलने के बाद एंबुलेंस को फोन किया गया था। महिला का यह तीसरा बच्चा था। फिलहाल अस्पताल में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
-डॉ. भागीरथी जोशी, सीएमओ, नैनीताल।

10 किमी के दायरे में कोई अस्पताल नहीं है। गांव से नैनीताल रोड तक पांच किमी सड़क बनाए जाने को लेकर तीन बार सर्वे हो चुका है। मामला बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में है। इसके बाद भी आज तक लोग सड़क से वंचित हैं।

-मुन्नी जीना, क्षेत्र पंचायत सदस्य, मोरा

हमारे गांव में सड़क बनाए जाने की मांग कई सालों से की जा रही है। इससे पहले भी आए दिन सामने आते रहे हैं। कई बार रास्ते में ही मरीजों की जान चली गई जो लोग पहाड़ नहीं छोड़ना चाहते, उनके प्रति प्रशासन उदासीन है।
- कुंदन सिंह जीना, सामाजिक कार्यकर्ता, तोक मोरा।

इस तरह की विषम परिस्थितियों से यहां के लोग आए दिन दो-चार होते हैं। क्षेत्रवासी दशकों से मोटर मार्ग की मांग उठा रहे हैं, लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई। लोग गांव से पलायन करने के लिए लिए मजबूर हो रहे हैं।
-संजय शाह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, रानीबाग।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed