उत्तराखंड विस सत्र 2021: शीतकालीन सत्र को लेकर असमंजस की स्थिति, पक्ष और विपक्ष चाहता है देहरादून में हो सत्र
पिछले दिनों मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने गैरसैंण में सत्र कराने का निर्णय लिया था, जिसे बाद में बदल दिया।
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विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। सत्र कब और कहां होगा, इस पर सरकार अभी तक अंतिम निर्णय नहीं ले पाई है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने सत्र देहरादून में कराए जाने की इच्छा जाहिर की है। बता दें कि पिछले दिनों मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने गैरसैंण में सत्र कराने का निर्णय लिया था, जिसे बाद में बदल दिया। उसी दिन इस बात के संकेत मिल गए थे कि सरकार गैरसैंण में सत्र कराने को लेकर दुविधा में है। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ सत्र के संचालन को लेकर चर्चा की है। एक बार फिर देहरादून में 9 व 10 दिसंबर को सत्र आहुत होने की संभावना जताई जा रही है।
पहले सरकार ने कैबिनेट में 29 व 30 नवंबर को गैरसैंण में शीतकालीन सत्र आयोजित कर फैसला लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड के दौरे को लेकर गत दिनों मंत्रिमंडल में इस फैसले को वापस लिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने 7 व 8 दिसंबर को शीतकालीन सत्र आहुत होने की बात कही थी। साथ ही यह भी कहा था कि उनकी इच्छा है कि सत्र गैरसैंण में आहुत कराया जाए। 25 दिसंबर को सत्र के संचालन के लिए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह चर्चा की गई थी। जिसमें पक्ष और विपक्ष ने शीतकालीन सत्र देहरादून में आयोजित करने की मंशा जताई थी। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार सत्र को लेकर असमंजस की स्थिति है। अब देहरादून में 9 व 10 दिसंबर को सत्र आहुत करने की चर्चा है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के बीच चर्चा
शीतकालीन सत्र के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा स्थित कार्यालय में स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल से चर्चा की। विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत और नेता प्रतिपक्ष पुष्कर सिंह धामी की मंशा से सीएम को अवगत कराया। अध्यक्ष ने कहा कि पक्ष व विपक्ष ने देहरादून में ही सत्र आयोजित करने की मंशा व्यक्त की है। दोनों नेताओं की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। देहरादून में सत्र कराने पर विचार किया जा रहा है। सत्र आहुत करने का फैसला सरकार ने लेना है।
शीतकालीन सत्र कब और कहां होना है, यह अभी तय नहीं है। मुख्यमंत्री से सत्र को लेकर चर्चा चल रही है। जल्द ही सरकार इस पर निर्णय लेगी। सत्र को लेकर सबकी राय आई थी कि सत्र देहरादून में कराया जाए।
- बंशीधर भगत, संसदीय कार्य मंत्री
भाजपा सरकार शीतकालीन सत्र आहुत करने का निर्णय नहीं ले पा रही है। हम चाहते हैं कि सत्र की अवधि बढ़ाने के साथ तिथि भी तय की जाए। सत्र कब और कहां करना है इस पर सरकार व विधानसभा को फैसला लेना है। सरकार जहां चाहे वहां सत्र बुलाए। हम आने को तैयार हैं। लेकिन देहरादून में सत्र आहुत करने पर सरकार विपक्ष के कंधे पर बंदूक न चलाए। विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष में यह बात जरूर कही थी कि सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया और शीतकालीन सत्र कराने जा रही है। ग्रीष्म काल में न तो अधिकारी और न ही सरकार कभी गैरसैंण गई।
- प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष