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रुड़की : बारिश में भीग गया करोड़ों रुपये का गेहूं, 15 केंद्रों पर बाहर ही रखे गए थे बोरे 

Mon, 31 May 2021 03:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 31 May 2021 03:40 PM IST
सार

अधिकारियों के अनुसार, इस बार यूसीएफ ने अपने केंद्रों पर करीब 55 हजार क्विंटल की बंपर खरीदारी की थी।

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uttarakhand news :  Wheat worth crores of rupees drenched in rain, sacks were kept outside at 15 centers in roorkee
हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

रात आई तेज आंधी और बारिश से सरकारी क्रय केंद्रों के बाहर रखा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। उत्तराखंड कोऑपरेटिव फेडरेशन (यूसीएफ) की ओर से खोले गए 19 में से करीब 15 केंद्रों के परिसर में रातभर बारिश में गेहूं भीगता रहा। ऐसे में गेहूं खराब होने से सरकार को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है।

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इस बार यूसीएफ ने गेहूं खरीद के लिए जिले में 19 केंद्र स्थापित किए थे। इसमें रायसी, गोवर्धनपुर, मक्खनपुर, भिक्कमपुर, बादशाहपुर, लालढांग, सुभाषगढ़, इब्राहिमपुर, बेलड़ी, हद्दीवाला, लंढौरा, मंगलौर, लाठरदेवा, चुड़ियाला, भगवानपुर, चौली मंडावर, डाडा जलालपुर, बंजारावाला आदि शामिल हैं।
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इन सभी केंद्रों पर एक अप्रैल से 27 मई तक गेहूं की खरीदारी की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस बार यूसीएफ ने अपने केंद्रों पर करीब 55 हजार क्विंटल की बंपर खरीदारी की थी। केंद्रों पर खरीदा गया गेहूं हर साल विपणन विभाग के गोदाम में रखा जाता है। इस बार गोदाम में जगह नहीं होने के चलते गेहूं अभी तक केंद्रों पर ही रखा गया था।
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कुछ केंद्रों पर गोदाम की व्यवस्था होने के चलते उसे अंदर रख दिया गया था, जबकि करीब 15 केंद्रों पर गेहूं की बोरियां बाहर प्रांगण में ही खुले आसमान के नीचे रखी गई थीं। हालांकि, इन्हें तिरपाल आदि से ढंका गया था। बताया जा रहा है कि शनिवार रात आई तेज आंधी से गेहूं की बोरियों पर रखा तिरपाल उड़ गया और तेज बारिश में रातभर गेहूं भीगता रहा। कुछ जगह केंद्र का प्रांगण गहराई में होने के चलते जलभराव हो गया और पानी बोरियों में भर गया।

अधिकारियों के मुताबिक, इन सेंटरों से कुछ गेहूं तो विवणन विभाग के गोदाम में पहुंचा दिया गया था, जबकि करीब 35 हजार क्विंटल कुंतल गेहूं केंद्रों पर ही रखा हुआ है। ऐसे में इस बारिश से करीब 30 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। आशंका है कि पानी गेहूं की बोरियों के ढेर से नीचे तक चला गया है। इससे करीब पांच करोड़ रुपये का गेहूं खराब होने की आशंका है।

यूसीएफ के कुछ ही केंद्रों पर कमरों की व्यवस्था है। अन्य केंद्रों पर गेहूं बाहर ही रखा था। हमारे केंद्रों पर खरीदा गया गेहूं विपणन विभाग के गोदाम में रखा जाता है। गोदाम के अधिकारियों से लगातार गेहूं उठाने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल रहा है। दोबारा बारिश होती है तो बड़ी मात्रा में गेहूं खराब हो जाएगा।

-बीर सिंह, जिला प्रबंधक, यूसीएफ 

विपणन विभाग के गोदाम में हमारे केंद्रों पर खरीदा गया गेहूं रखा गया है। जैसे-जैसे गोदाम में जगह बनती है, यूसीएफ को सूूचित कर गेहूं मंगवा लिया जाता है। तब तक यूसीएफ को अपने केंद्रों पर गेहूं रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।
-अंजू जेखरे, वरिष्ठ अधिकारी, विपणन विभाग 

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