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एक्सक्लूसिव : गांवों के डिजीटल नक्शे बनाने का काम अब और तेज, दोगुनी हुई ड्रोन सर्वे टीमों की संख्या
Sat, 12 Dec 2020 10:11 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 12 Dec 2020 10:11 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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स्वामित्व कार्ड बनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रदेश में अब ड्रोन टीम की संख्या दोगुनी करने पर सहमति बन गई है। सर्वे ऑफ इंडिया इस काम को सभी 11 राज्यों में तेज करने की तैयारी में है और इसके लिए जर्मनी से 100 ड्रोन खरीदने की तैयारी है।
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पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड सहित 11 राज्यों में स्वामित्व कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। इस येेजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है ड्रोन के जरिये गांव का डिजीटल मैप या नक्शा तैयार करना। इसी पर योजना की सफलता भी निर्भर कर रही है।
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इसी को देखते हुए इस का काम के लिए परियोजना में सर्वे ऑफ इंडिया को जोड़ा गया। सर्वे और इंडिया के साथ मुसीबत यह है कि ड्रोन टीमों की संख्या सीमित है। उत्तराखंड में ही सर्वे की मात्र पांच ठीम काम कर रही हैं जबकि मार्च 2021 तक 4800 गांवों का सर्वे होना है। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड का लक्ष्य भी बढ़ा दिया है। अभी तक यह परियोजना हरिद्वार, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में ही लागू थी। अब यह योजना देहरादून जिले में भी लागू कर दी गई है।
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इसी को देखते हुए अब सर्वे ऑफ इंडिया उत्तराखंड में सर्वे टीमों की संख्या दोगुनी करने पर भी सहमत हो गया है। बृहस्पतिवार को सर्वे ऑफ इंडिया, केंद्रीय पंचायत सचिव और प्रदेश के राजस्व तथा पंचायतराज अधिकारियों की संयुक्त बैठक में यह सहमति बनी। बताया गया कि सर्वे विभाग 100 नए ड्रोन खरीदने की तैयारी कर रहा है। इसका उपयोग स्वामित्व योजना वाले 11 राज्यों में सर्वे के लिए किया जाएगा।
पहाड़ में चुनौती, ड्रोन की हो रही है दुर्घटना
अधिकारियों के मुताबिक पर्वतीय क्षेत्रों में ड्रोन की फ्लाइंग में थोड़ा सा भी गड़बड़ होने पर अधिक नुकसान होता है। अब तक चार ड्रोन का नुकसान भी सर्वे को उठाना पड़ा है। ऐसे में सर्वे की कोशिश बेहतर तकनीक के ड्रोन को उपयोग में लाने पर भी विचार कर रहा है।
केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश का टार्गेट भी बढ़ा दिया गया है। मार्च 2021 के बाद नौ जिलों में भी काम शुरू किया जाना है। इसी को देखते हुए सर्वे ऑफ इंडिया से ड्रोन फोर्स बढ़ाने को कहा गया था जिसकी सहमति मिल गई है। प्रदेश में अब पांच के मुकाबले दस टीमें काम करेंगी। देहरादून में भी अब टीम तैनात की जाएगी। मैदानी क्षेत्रों में एक टीम दिन भर में दस गांवों तक का सर्वे कर लेती है।
- सुशील कुमार, सचिव राजस्व