गणतंत्र दिवस 2021: देश में तीसरे स्थान पर रही राजपथ पर निकली 'केदारखण्ड' की झांकी, उत्तराखंड को पहली बार मिला पुरस्कार
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प्रदेशवासियों के लिए यह गौरव की बात है कि गणतंत्र दिवस पर राजपथ में केदारखंड की थीम पर निकली उत्तराखंड राज्य की झांकी देश में तीसरे स्थान पर रही। राज्य गठन के बाद पहली बार उत्तराखंड की झांकी पुरस्कार के लिए चुनी गई। 20 वर्षों में राजपथ पर उत्तराखंड की 12 झांकियां निकली हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने बृहस्पतिवार को यह पुरस्कार दिया। राज्य की ओर से यह पुरस्कार सांस्कृतिक दल के लीडर केएस चौहान ने प्राप्त किया। इस बार राम मंदिर की थीम पर उत्तरप्रदेश की झांकी को पहला स्थान मिला, जबकि ओडिशा की झांकी दूसरे स्थान पर रही।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड की झांकी को पुरस्कार मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा उत्तराखंड देवभूमि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे पहले से भी अधिक भव्य रूप प्रदान किया गया है।
उन्होंने प्रदेश वासियों व सचिव सूचना दिलीप जावलकर, सूचना महानिदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, टीम लीडर व उपनिदेशक सूचना केएस चौहान और झांकी बनाने वाले कलाकारों तथा झांकी में शामिल सभी कलाकारों को बधाई दी है।
झांकी का थीम सांग था जय जय केदारा
झांकी का थीम सांग जय जय केदारा था। सूचना विभाग के उपनिदेशक व टीम लीडर केएस चौहान ने बताया कि 12 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया। इनमें झांकी निर्माता सविना जेटली, मोहन चंद्र पांडेय, विशाल कुमार, दीपक सिंह, देवेश पंत, वरुण कुमार, अजय कुमार, रेनू, नीरू बोरा, दिव्या, नीलम और अंकिता नेगी शामिल थे।
पिछले चार वर्ष में तीन बार उत्तराखंड की झांकी का चयन
2018 में ग्रामीण पर्यटन होम स्टे पर
2019 में अनाशिक्त आश्रम कौसानी थीम पर
2020 में उत्तराखंड की झांकी पास नहीं हुई
20121 में केदारखंड की थीम पर झांकी का हुआ चयन
आसान नहीं है झांकी का चयन
गणतंत्र दिवस परेड के लिए राज्यों की झांकी के चयन की लंबी और कठिन प्रक्रिया है। हर साल केवल 14 राज्यों को ही अंतिम सूची में चुना जाता है। झांकियों की थीम, डिजाइन, संगीत की कसौटी पर केंद्र सरकार की 12 सदस्य विशेषज्ञ समिति चुनाव करती है। चयन होने पर 20 दिन तक नई दिल्ली में दिन रात झांकी तैयार करानी होती है। रिहसर्ल में शामिल होना होता है।
12 में से 11 बार झांकी का नेतृत्व
राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड के लिए चयनित हुई अब तक 12 में से 11 झांकियों का नेतृत्व सूचना विभाग के उपनिदेशक केएस चौहान ने किया। उन्हीं के नेतृत्व में इस बार सांस्कृतिक दल ने परेड में भाग लिया।
पारंपरिक लोक गायन में उत्तराखंड को मिला पहला स्थान
एनसीईआरटी नई दिल्ली की ओर से आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव में पारंपरिक लोक गायन में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है। आनंदी एकेडमी जिला बागेश्वर की कक्षा नौ की छात्रा ईशा धामी ने लोक गायन में पहला स्थान पाया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में आयोजित समापन समारोह में बताया गया कि वर्ष 2014-15 से केंद्र सरकार की ओर से कला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है।
बताया गया कि कोविड 19 की वजह से इस बार कला उत्सव वर्चुअल माध्यम से किया गया। वर्तमान सत्र में नौ श्रेणियों संगीत गायन, संगीत वादन, नृत्य, दृश्य कला, स्थानीय खिलौने एवं खेल, पारंपरिक लोक संगीत, पारंपरिक लोक वादन, पारंपरिक लोक नृत्य एवं दृश्य कला में उत्सव हुआ।
प्रत्येक श्रेणी में एक बालक एवं एक बालिका ने एकल रूप से प्रतिभाग किया। 11 से 22 जनवरी तक ऑनलाइन टेलिकास्ट किया गया। इसके लिए देहरादून और हल्द्वानी में केंद्र बनाया गया था।