फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand news: uttarakhand bjp core group meeting in dehradun

उत्तराखंड: अचानक भाजपा केंद्रीय पर्यवेक्षक पहुंचे देहरादून, चढ़ा सियासी पारा

Sat, 06 Mar 2021 09:47 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 06 Mar 2021 09:47 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand news: uttarakhand bjp core group meeting in dehradun
काेर ग्रुप की बैठक में मौजूद मंत्री और विधायक - फोटो : अमर उजाला

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार शनिवार को अचानक बतौर केंद्रीय पर्यवेक्षक देहरादून पहुंच गए। उनके यहां पहुंचने से सियासी पारा चढ़ गया। सांसद अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, तीरथ सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के अलावा भराड़ीसैंण से मुख्यमंत्री और तमाम मंत्री भी बीजापुर गेस्ट हाउस पहुंच गए। आनन फानन बजट सत्र निपटा दिया गया। कोर कमेटी की बैठक के दौरान दिनभर नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल विस्तार की अफवाहों का बाजार गर्म रहा। हालांकि शाम को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर तमाम नेताओं ने इस तरह की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया।

विज्ञापन


शनिवार दोपहर अचानक भाजपा की कोर कमेटी की बैठक की सूचना आई। सूचना के साथ नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल विस्तार की अफवाहें भी हवाओं में तैरने लगीं। दोपहर करीब दो बजे केंद्रीय पर्यवेक्षक रमन सिंह और दुष्यंत कुमार बीजापुर गेस्ट हाउस पहुंच गए। सांसद अजय भट्ट हल्द्वानी से देहरादून बुलाए गए। कोर कमेटी की बैठक करीब साढ़े चार बजे शुरू हुई। इस बीच कोर कमेटी के कई सदस्य बैठक में पहुंचे। रमन सिंह और दुष्यंत कुमार करीब चार घंटे तक बीजापुर गेस्ट हाउस में रहे।
विज्ञापन


उन्होंने देरी से पहुंचे कोर कमेटी के सदस्य पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से अलग से बात भी की। इसके बाद रमन सिंह सीएम आवास गए। वहां से आरएसएस कार्यालय पहुंचे। इसके बाद दिल्ली लौट गए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल विस्तार की अफवाहें फैलती रहीं, लेकिन बैठक से बाहर आए राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बात केवल मीडिया में चल रही है, पार्टी में नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सभी कोर कमेटी के सदस्यों ने एक सुर में कहा कि पार्टी में किसी तरह का मनमुटाव नहीं है। कोर कमेटी की बैठक आगामी चिंतन और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के साथ ही 18 मार्च को होने वाली त्रिवेंद्र सरकार के चार साल के कार्यक्रमों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि देर रात तक भाजपा में सियासी हलचल जारी थी। विधायक भी देहरादून में एकजुट होने शुरू हो गए थे। मुख्यमंत्री के रविवार को दिल्ली जाने की चर्चाएं भी आम रहीं।

किसने क्या बोला-सभी के फोटो भी हैं
कोर कमेटी की बैठक 12 मार्च की शाम से लेकर 14 मार्च तक होने वाले पार्टी के चिंतन, कोर कमेटी और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को लेकर बुलाई गई थी। नेतृत्व परिवर्तन जैसी कोई भी चर्चा नहीं हुई है। 
- नरेश बंसल, राज्यसभा सांसद

त्रिवेंद्र सरकार को 18 मार्च को चार साल पूरे हो रहे हैं। कोर कमेटी की बैठक में उनके कार्यों को जनता तक ले जाने पर चर्चा हुई है। किसी तरह के कोई बदलाव की बात नहीं हुई है। किसी भी तरह का मनमुटाव नहीं है। न ही कोई नाखुश है। 
-बंशीधर भगत, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

बजट सत्र अपने समय पर पूरा हुआ है। कोर कमेटी की बैठक में सरकार के चार साल पूरे होने को कैसे भव्य और दिव्य बनाएं, इस पर चर्चा हुई है। कोर कमेटी की बैठक हर महीने होती है, उसमें कोई न कोई बड़े नेता आते ही हैं। बैठक में अगले चुनाव में 57 सीटों से अधिक पर जीत दर्ज करने पर भी चर्चा हुई। 
-मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार

हम सही रास्ते पर हैं। निश्चित तौर पर जब भी चुनाव होंगे, अपार बहुमत से पार्टी जीतेगी। हम लोग संतुष्ट हैं, जो घोषणाएं की गई थी, उसके अनुसार काम हो रहा है। राज्य व केंद्र के पास उपलब्ध संसाधनों के उपयोग पर चर्चा हुई है। विधानसभा चुनाव के चेहरे का निर्णय यहां नहीं किया जाता है। 
-विजय बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

18 मार्च को जो चार साल हमारी सरकार को हो रहे हैं, इस अवधि में हुए कार्यों को जनता तक कैसे ले जाएं, मुख्यत: इस पर कोर कमेटी की बैठक में चर्चा की गई।  विधायकों की नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है। गैरसैंण को मंडल बनाने में सरकार की मंशा खराब नहीं है। यह रूटीन की बैठक है। 
-अजय भट्ट, सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
 

हेलीकॉप्टर से देहरादून के लिए उड़े सरकार के मंत्री व विधायक

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाकर देहरादून भेजा है। बजट सत्र के बीच में केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजे जाने से देहरादून से करीब 260 किमी दूर भराड़ीसैंण में सियासी खलबली मच गई। कुछ ही देर में सत्तारूढ़ भाजपा के 13 विधायकों की नाराजगी की चर्चाएं भी सियासी हवाओं में तैरने लगीं। सुबह से ही भराड़ीसैंण से हेेलीकॉप्टर ने कई बार उड़ान भरी। इसके सियासी निहितार्थ भी टटोले जाने लगे।

पता चला कि सरकार के मंत्रियों और पार्टी विधायकों को केंद्रीय पर्यवेक्षक ने देहरादून रायशुमारी के लिए बुलाया है और भाजपा विधायक बारी-बारी से देहरादून के लिए उड़ने लगे। भाजपा के कुछ विधायकों ने इसकी पुष्टि भी की। उनका कहना था कि उन्हें देहरादून तो बुलाया गया, लेकिन उन्हें नहीं मालूम क्यों।

भाजपा के ही कुछ विधायकों का मानना था कि जब बजट सत्र चल रहा हो और सरकार सदन में विनियोग विधेयक पेश करने जा रही है, ऐसी दशा में केंद्रीय नेतृत्व का पर्यवेक्षक को भेजा जाना कोई सामान्य घटना नहीं है। उनके अनुसार, कोई न कोई सियासी मजबूरी है जिस वजह से केंद्रीय नेतृत्व को देहरादून पर्यवेक्षक भेजना पड़ा।

सांसद, विधायक, मंत्री सभी बुलाए गए

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय पर्यवेक्षक और प्रदेश पार्टी प्रभारी दुष्यंत गौतम जो पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं, के देहरादून पहुंचने से पहले ही पार्टी सांसद अजय भट्ट, तीरथ सिंह रावत, माला राज्यलक्ष्मी, रमेश पोखरियाल निशंक, अजय टम्टा, नरेश बंसल को तुरंत देहरादून बीजापुर स्थित राज्य अतिथि गृह पहुंचने को कहा गया।

सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होनेे से पहले ही विधानसभा के गलियारों में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के आने और मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों को भराड़ीसैंण से देहरादून बुलाए जाने की चर्चाएं गर्म थीं। इसके सियासी मायने टटोले जा रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन ने इस पर सदन के अंदर और बाहर खूब चटखारे लिए। सदन के अंदर भी खूब गहमागहमी दिखी।

पर्चियां आती रहीं, विधायक खिसकते रहे

सदन के भीतर बैठे भाजपा विधायकों को पर्ची पर संदेश मिल रहे थे और वे बारी-बारी से वहां से निकल रहे थे। अनुदान मांगों पर जब कांग्रेस कटौती प्रस्ताव लाने लगी तो ट्रैजरी बैंच में बैठे मंत्रियों में देहरादून जल्दी जाने की बेचैनी साफ देखी गई। अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस विधायकों की चर्चाएं जब लंबी खिंच रही थीं, तब संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश को एक पर्ची भिजवाई। पर्ची पढ़ने के बाद फिर इंदिरा ने भी पर्ची भिजवाई। पर्चियों का यह आदान प्रदान अन्य मंत्रियों और विधायकों के बीच होता रहा।

भराड़ीसैंण से देहरादून के लिए उड़ान भरने से पहले भाजपा विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंच रहे थे। वहां मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद उन्हें हेलीपैड भिजवाया जा रहा था। वहां से वे बारी-बारी से देहरादून पहुंच रहे थे। भोजनावकाश तक कई विधायकों को देहरादून भिजवा दिया गया था। अपराह्न में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यमंत्री डॉ.धनसिंह भी हेलीकॉप्टर से देहरादून पहुंच गए।

देहरादून जाने की जल्दी में सरकार ने आनन फानन सत्र निपटाया। इसमें विपक्ष ने शोर-शराबा करके सरकार की राह आसान कर दी। 10 अनुदान मांगों को पास कराने में जहां सरकार को करीब ढाई घंटे लगे, वहीं चिकित्सा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण की अनुदान मांग के बहाने विपक्ष ने कोविड का मुद्दा उठाया और हंगामा शुरू कर दिया। बाकी की 20 अनुदान मांगें, विनियोग विधेयक एक घंटे में बगैर चर्चा के निपटा दी गईं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed