डॉक्टर की सलाह: बारिश और बदलता मौसम बढ़ा रहा आंखों का दर्द, इन बातों का रखें ध्यान
इन दिनों अस्पतालों में आंखों में कचरा, पानी आना, जलन होना, आंखों में लालिमा बढ़ना और विभिन्न तरह के संक्रमण की शिकायत ज्यादा आ रही हैं। आंखों में एलर्जी के मरीज भी ज्यादा आ रहे हैं।
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बारिश और बदलता मौसम आंखों का दर्द बढ़ा रहा है। शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों में आजकल आंखों के मरीज भी बढ़ रहे हैं। नेत्र रोगों में सबसे ज्यादा आई फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं।
बरसात के मौसम में आई फ्लू की दिक्कत ज्यादा
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील ओझा ने बताया कि बरसात के मौसम में आई फ्लू की दिक्कत ज्यादा होने लगती है। आंखों में कचरा, पानी आना, जलन होना, आंखों में लालिमा बढ़ना और विभिन्न तरह के संक्रमण की शिकायत ज्यादा आ रही हैं।
बिना डॉक्टर के सलाह के कोई दवा न लें
आंखों में एलर्जी के मरीज भी ज्यादा आ रहे हैं। आंखों में एलर्जी या अन्य समस्या आने पर बिना डॉक्टर के सलाह के कोई दवा न लें। न ही किसी तरह के ड्रॉप डालें। आजकल बाजार में स्टेरॉयड युक्त ड्रॉप भी उपलब्ध हैं। जिनसे तात्कालिक रूप से राहत मिल सकती है, लेकिन उससे आंखों में सफेद मोतियाबिंद या काला मोतिया (ग्लूकोमा) हो सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
-आंखों को खुजलाएं और रगड़े नहीं
-ज्यादा तकलीफ हो तो आरओ के सामान्य पानी से आंखों में हल्के-हल्के झपकी मारें
-आंख में दिक्कत हो तो नल से सीधे आने वाले पानी से आंखें न धुलें
- स्टेरॉयड ड्रॉप का इस्तेमाल न करें, बल्कि डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें
दून अस्पताल के डॉक्टरों ने दी महिला को नई रोशनी
वहीं एसेंशियल ब्लेफरोस्पाज्म से पीड़ित 58 वर्षीय महिला को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने नई रोशनी दी है। डॉ. सुशील ओझा ने बताया कि पौड़ी गढ़वाल के सालदंग गांव निवासी महिला अपनी दोनों आंखें नहीं खोल पा रहीं थीं। बहुत कम समय के लिए उनकी आंखें खुलती थीं। आंखों की मांसपेशियों में दिक्कत होने की वजह से यह स्थिति थी।