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उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम पहुंचे प्रधानमंत्री के छोटे भाई पंकज मोदी, किए बदरीविशाल के दर्शन
Wed, 17 Nov 2021 11:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:43 AM IST
सार
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत मंगलवार को शीतकाल के लिए गणेश मंदिर के कपाट विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ बंद कर दिए गए।
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पंकज मोदी बदरीनाथ धाम पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई पंकज मोदी बुधवार काे बदरीनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। वह सुबह साढ़े आठ बजे हेलीकॉप्टर से धाम पहुंचे। उन्होंने सुबह नौ बजे मंदिर में पूजा-अर्चना की।
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विधि-विधान से गणेश मंदिर के कपाट हुए बंद
वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत मंगलवार को शीतकाल के लिए गणेश मंदिर के कपाट विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ बंद कर दिए गए।
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मंगलवार को सुबह पांच बजे से बदरीनाथ धाम की महाभिषेक पूजा शुरू हुई। बदरीनाथ धाम की विभिन्न पूजाएं होने के बाद बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वर प्रसाद नंबूदरी और धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने वेदपाठियों की मौजूदगी में विधि-विधान से हनुमान मंदिर के समीप स्थित भगवान गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की।
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18 को बंद हो जाएगा वेद ऋचाओं का वाचन
गणेश भगवान की चल विग्रह प्रतिमा को बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भगृह) में भगवान बदरीनाथ के समीप स्थापित किया गया। इसके बाद शीतकाल के लिए गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। 17 नवंबर को बदरीनाथ धाम परिसर में स्थित भगवान आदिकेदारेश्वर को चावल का भोग लगाकर आदिकेदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
18 को खडग पुस्तक बंद होने के बाद बदरीनाथ मंडप में वेद ऋचाओं का वाचन भी बंद हो जाएगा। 19 को लक्ष्मी पूजन के साथ माता लक्ष्मी को शीतकाल में भगवान बदरीनाथ के गर्भगृह में स्थापित कर दिया जाएगा। इसके बाद 20 नवंबर को शाम 6 बजकर 45 मिनट पर भगवान बदरीनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।